उत्तान कूर्मासन योग ( Uttana Kurmasana Yoga )

उत्तान कूर्मासन योग ( Uttana Kurmasana Yoga ) :

उत्तान कूर्मासन योग ( Uttana Kurmasana Yoga ke Labh in Hindi ) :

  • आसन का अभ्यास :

उत्तान कूर्मासन के अभ्यास के लिए नीचे दरी या चटाई बिछाकर बैठ जाएं। फिर दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर नितम्ब के नीचे रख लें। पंजों को मिलाकर एड़ियों को थोड़ा अलग रखें। अब पूरे शरीर का भार एड़ी व पंजों पर डालकर बैठ जाएं। हाथों को कमर के नीचे जमीन पर रखें। फिर शरीर का संतुलन बनाते हुए धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकते हुए शरीर को जमीन पर टिका दें। इसके बाद दोनों हाथों को दोनों जांघों पर रखें ! आसन की इस स्थिति में कंधे व गर्दन को जमीन से सटाकर रखें और श्वासन क्रिया सामान्य रूप से करें। आसन की स्थिति में जितनी देर तक रहना सम्भव हो रहें।

  • सावधानी (Uttana Kurmasana Yoga Savdhani) :

इस आसन का अभ्यास अल्सर, कोलाइटिस, उच्च रक्तचाप वालों को नहीं करना चाहिए।

  • आसन से रोगों में लाभ (Uttana Kurmasana Yoga Labh) :

इस आसन के अभ्यास से सांस से सम्बंधित बीमारियां दूर होती है। यह आसन दमा, बोंक्राइटिस, टी.बी. आदि रोगों को ठीक करता है। इससे कमर की मांसपेशियां मजबूत और कमर लचीली और पतली बनती है। यह आसन पेट की अधिक चर्बी को कम करके मोटापे को दूर करता है। इससे घुटनों व पिंडलियों का दर्द कम होता है और मेरूदंड (रीढ़ की हड्डी) लचीला बनता है। नाड़ियों में रक्तसंचार ठीक रखने के लिए यह आसन लाभकारी है और यह आसन खून को भी साफ करता है।

Updated: August 17, 2016 — 5:21 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ayurvedic Solution © 2016 Ayurvedic Solution
Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.