उदराकर्षासन योग ( Udarakarshanasana Yoga )

उदराकर्षासन योग ( Udarakarshanasana Yoga ) :

  • आसन की विधि (Udarakarshanasana Yoga Vidhi) :

Udarakarshanasana Yoga – उदराकर्षासन का अभ्यास स्वच्छ व साफ स्थान पर करें तथा इस आसन के लिए नीचे दरी बिछाकर बैठ जाएं। अब बाएं पैर को घुटने से मोड़कर नितम्ब (हिप्स) के नीचे रखें तथा घुटने व पंजे को फर्श से सटाकर रखें। फिर दाएं पैर को घुटने से मोड़कर एड़ी व पंजे को बाएं पैर के घुटने के पास फर्श से टिकाकर रखें तथा घुटने को ऊपर की ओर रखें। दोनों पैरों के बीच 20 से 25 सेंटीमीटर की दूरी रखें। दोनों हाथों को दोनों घुटनो पर रखें। अब ऊपर उठे दाएं घुटने को दाएं हाथ से जोर से दबाकर नीचे बाएं घुटने के पास फर्श के जितना पास हो लाएं और ध्यान रखें कि घुटने को फर्श से एक इंच ऊपर ही रखें। दाएं घुटने को नीचे लाते समय मुंह को कंधे की सीध में रखें। आसन की इस स्थिति में कुछ समय रहें और फिर यही क्रिया बाएं पैर से भी करें।

  • आसन से रोग में लाभ (Udarakarshanasana Yoga Labh) :

इस आसन को करने से अपच (भोजन का न पचना) तथा कब्ज का रोग दूर होता है ! इस आसन के निरंतर अभ्यास से पैरों का दर्द दूर होता है तथा पंजे शक्तिशाली बनते हैं। कमरदर्द, जोड़ों में किसी भी प्रकार की खराबी आदि में भी इस आसन को करना लाभकारी रहता है।

Updated: August 17, 2016 — 5:21 am

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