डिम्बाशय और जरायु के उपाय ( Inflammation Of The Uterus And ovary)

डिम्बाशय और जरायु के उपाय ( Inflammation Of The Uterus And ovary) :

डिम्बाशय और जरायु का प्रदाह के उपाय ( Inflammation of the uterus and ovary Ke Upay ) :

डिम्बाशय और गर्भाशय के प्रदाह होने का कारण :

  • इस रोग के होने का सबसे प्रमुख कारण कब्ज और पेट में कीड़े हो जाना है।
  • जो स्त्री कई पुरुषों के साथ सहवास करती है उसे भी यह रोग हो जाता है।
  • अप्राकृतिक रूप से मैथुन-क्रिया करने के कारण भी यह रोग स्त्री को हो जाता है।
  • मासिकधर्म सम्बन्धी रोग हो जाने के कारण भी स्त्रियों को यह रोग हो सकता है।

डिम्बाशय और गर्भाशय की प्रदाह होने का आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार :

  1. इस रोग का उपचार करने के लिए रोगी स्त्री को सबसे पहले कम से कम 1 बार गर्म और ठंडे जल का डूश (गर्म जल में रुई को भिगोकर योनि में रखना) बारी-बारी से अपने योनि में रखना चाहिए।
  2. रोगी स्त्री को दर्द वाली जगह पर गर्म तथा ठण्डी सिंकाई करनी चाहिए तथा अपने पेड़ू पर मिट्टी की गीली पट्टी करनी चाहिए तथा दिन में 2 बार सुबह और शाम के समय में मेहनस्नान करना चाहिए तथा प्रतिदिन उदरस्नान करना चाहिए। इस प्रकार से प्रतिदिन उपचार करने से कुछ ही दिनों में स्त्री का यह रोग ठीक हो जाता है।
  3. इस रोग से पीड़ित स्त्री को प्रतिदिन अपने भोजन में फल, कच्ची-पकी, साग-सब्जियां, मठा, दही तथा प्राकृतिक खाद्य-पदार्थों का उपयोग करना चाहिए। Inflammation Of The Uterus And ovary.
  4. रोगी स्त्री को प्रतिदिन हल्का व्यायाम करना चाहिए तथा स्वच्छ वायु में टहलना चाहिए तथा सांस की कसरते करनी चाहिए। जिसके फलस्वरूप यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
Updated: August 17, 2016 — 4:46 am

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