Category: योग आसन के लाभ

ऋष्यासन योग ( Rishyasan Yoga Ke Labh )

ऋष्यासन योग ( Rishyasan Yoga ) :

ऋष्यासन योग ( Rishyasan Yoga ke labh in Hindi ) :

ऋष्यासन आसन का अभ्यास स्वच्छ-साफ व हवादार स्थान पर ही करना चाहिए। इसके लिए पहले सीधें खड़े हो जाएं तथा दोनों हाथों को सामने की ओर सीधा फैलाकर आपस में मिलाकर रखें। फिर शरीर को बाईं ओर मोड़ते हुए अपनी नज़रों को हाथों पर रखें। हाथों को स्थिर रखते हुए धड़ को घुमाएं। अब कमर की ओर मुड़ें ताकि दायां हाथ दाएं पांव के पीछे की ओर चले जाएं तथा आपकी आंखें बाएं हाथ के पीछे की ओर रहें। फिर सीधे हाथ से सीधी एड़ी को पकड़ें ! आंखों से सिर के ऊपर बाएं हाथ के पीछे की ओर देखें। घुटनों को बिल्कुल सीधा रखें। यदि बिल्कुल नीचे जानें में कठिनाई हो तो जितना नीचे जा सके जाएं और धीरे-धीरे अभ्यास को बढ़ाएं। फिर धीरे-धीरे सीधे खड़े होकर हाथों और बांहों को एक साथ रखें। दूसरी बार इस क्रिया को बाईं ओर से करें। इस तरह से इस क्रिया को दोनो पैरों से 2-2 बार करें।

  • आसन से रोग में लाभ (Rishyasan Yoga Ke Labh) :

Rishyasan Yoga – इस आसन से पूरे शरीर में खून का संचार तेज होता है और शरीर में लचक आती है। यह आसन शरीर को सुडौल और पुष्ट बनाता है। इस आसन को करने से आंतरिक विकार और पेट के सभी विकार दूर होते हैं।

Ayurvedic Solution © 2016 Frontier Theme
Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.