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स्वप्नदोष के उपाय ( Night Fall Ke Upay )

स्वप्नदोष के उपाय ( Night Fall Ke Upay ) :

स्वप्नदोष के उपाय ( Night Fall ke Upay ) : Night fall ka gharelu ilaj in hindi.

  • बेल के पत्तों का 10 से 50 मि.ली. रस 2 से 10 ग्राम शहद डालकर पीने से अथवा 1 से 2 ग्राम हरड़ को उतनी ही मिश्री के साथ खाने से स्वप्नदोष में लाभ होता है।
  • ठीक से पके हुए दो केलों को छीलकर मसल डालें। उसमें हरे आँवलों का रस एवं शुद्ध शहद एक-एक तोला मिलाकर प्रातः-सायं सेवन करने से स्वप्नदोष में लाभ होता है। यह प्रयोग थोड़े दिन करें।
  • 4-5 ग्राम जामुन की गुठली का चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ लेने से स्वप्नदोष ठीक होता है।
  • स्वप्नदोष, वीर्यविकार या प्रदररोग में आँवले का चूर्ण एवं समान मात्रा में मिश्री का चूर्ण मिलाकर रात को भोजन के पश्चात् पानी के साथ लेने से लाभ होता है।
  • नियमित त्रिबंध प्राणायाम, योगासन, ब्रह्ममुहूर्त में उठना, आश्रम से प्रकाशित पुस्तक “यौवन सुरक्षा” का पठन आदि स्वप्नदोष में लाभदायक है। स्त्री का स्मरण-चिंतन न करें। Night Fall ke Upay देर रात्रि को पानी या दूध न पियें।

मूत्र रोग का उपाय ( Urine Disease Ka Upay )

मूत्र रोग का उपाय ( Urine Disease Ka Upay ) :

मूत्र रोग का उपाय ( Urine Disease Ka Upay ) : Urine Disease ka gharelu iLaj, Urine Disease Ka Upay in hindi.

  1. केले की जड़ के 20 से 50 मि.ली. रस को 50 से 100 मि.ली. गोमूत्र के साथ मिलकर सेवन करने से तथा जड़ पीसकर उसका पेडू पर लेप करने से पेशाब खुलकर आता है।
  2. आधा से 2 ग्राम शुद्ध शिलाजीत, कपूर और 1 से 5 ग्राम मिश्री मिलाकर लेने से अथवा पाव तोला (3 ग्राम) कलमी शोरा उतनी ही मिश्री के साथ लेने से लाभ होता है।
  3. एक भाग चावल को चौदह भाग पानी में पकाकर उन चावलों का मांड पीने से मूत्ररोग में लाभ होता है।
  4. कमर तक गर्म पानी में बैठने से भी मूत्र की रूकावट दूर होती है।
  5. उबाले हुए दूध में मिश्री तथा थोड़ा घी डालकर पीने से जलन के साथ आती पेशाब की रूकावट दूर होती है। यह प्रयोग बुखार में न करें।
  6. 50-60 ग्राम करेले के पत्तों के रस चुटकी भर हींग मिलाकर देने से पेशाब बहुतायत से होता है और पेशाब की रूकावट की तकलीफ दूर होती है अथवा 100 ग्राम बकरी का कच्चा दूध 1 लीटर पानी और शक्कर मिलाकर पियें।
  7. मूत्ररोग सम्बन्धी रोगों में शहद व त्रिफला लेने से अत्यंत लाभ होता है। यह प्रयोग बुखार में न करें।

योनिदोष के उपाय ( Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder )

योनिदोष के उपाय ( Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder ) :

योनिदोष के उपाय ( Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder ) : yoni dosh ke upay in hindi.

योनिदोष होने के कारण तथा रोग :

  1. यह रोग स्त्रियों को गलत तरीके से या दूषित भोजन के कारण होता है इस रोग को सूचिकावक्र योनिरोग कहते हैं।
  2. कई बार बच्चे पैदा करने के बाद बहुत सी स्त्रियों की योनि फैल जाती है जिसे महतायोनि दोष कहते हैं।
  3. कुछ स्त्रियों की योनि से पुरुष-सहवास के समय असाधारण रूप से पानी निकला करता है जिसमें कभी-कभी बदबू भी आती है। प्रसव के बाद दो से तीन महीने के अंदर ही स्त्री यदि पुरुष से सहवास क्रिया करती है तो स्त्रियों के योनि में रोग उत्पन्न हो जाता है जिसे त्रिमुखायोनि दोष कहते हैं।
  4. कुछ स्त्रियों को पुरुषों के साथ सहवास क्रिया करने पर तृप्ति ही नहीं होती है। इस रोग को अत्यानन्दायोनि दोष कहते हैं।
  5. कुछ स्त्रियां सहवास के समय में पुरुषों से पहले ही रस्खलित हो जाती है इस रोग को आनन्दचरणयोनि दोष कहते हैं।
  6. कुछ स्त्रियां सहवास के समय में पुरुष के रस्खलित होने के बहुत देर बाद रस्खलित होती हैं ऐसे रोग को अनिचरणायोनि दोष कहते हैं।

 योनिदोष का आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार :

  1. योनिदोष से पीड़ित रोगी स्त्री का उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी स्त्री को कम से कम एक महीने तक फलों का रस पीकर उपवास रखना चाहिए तथा उपवास के समय में रोगी स्त्री को प्रतिदिन गुनगुने पानी से एनिमा क्रिया करके अपने पेट को साफ करना चाहिए। जिसके फलस्वरूप कुछ ही दिनों में रोग ठीक हो जाता है।
  2. योनिदोष से पीड़ित रोगी स्त्री को उपवास समाप्त करने के बाद सादे तथा पचने वाले भोजन का सेवन करना चाहिए तथा प्रतिदिन घर्षणस्नान, मेहनस्नान, सांस लेने वाले व्यायाम तथा शरीर के अन्य व्यायाम करने चाहिए तथा सुबह के समय में साफ तथा स्वच्छ जगह पर टहलना चाहिए।
  3. योनिदोष से पीड़ित रोगी स्त्री को प्रतिदिन गुनगुने पानी में रूई को भिगोकर, इससे अपनी योनि तथा गर्भाशय को साफ करना चाहिए जिसके फलस्वरूप यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  4. योनिदोष से सम्बंधित रोग को ठीक करने के लिए धनिये का पानी, जौ का पानी, कच्चे नारियल का पानी कुछ दिनों तक स्त्रियों को पिलाना चाहिए जिसके फलस्वरूप यह रोग ठीक हो जाता है और मासिकधर्म सही समय पर होने लगता है।
  5. कुछ दिनों तक चुकन्दर का रस कम से कम 100 मिलीलीटर दिन में दो से तीन बार पीने से स्त्रियों के योनिदोष से संबन्धित रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  6. योनिदोष से संबन्धित रोग से पीड़ित स्त्रियों को मिर्च-मसाले, दूषित भोजन, अधिक चाय, कॉफी, मैदे के खाद्य पदार्थ, केक, चीनी, तली-भुनी चीज तथा डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों को सेवन नहीं करना चाहिए।
  7. योनिदोष से संबन्धित रोग को ठीक करने के लिए स्त्री को सुबह के समय में आंवले का रस शहद में मिलाकर पीना चाहिए। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder.
  8. एक चम्मच तुलसी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर फिर उसमें एक चुटकी कालीमिर्च मिलाकर इसको दिन में दो बार प्रतिदिन चाटने से स्त्रियों के योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं।
  9. धनिये के बीज को उबालकर फिर इसको छानकर इसके पानी को प्रतिदिन सुबह तथा शाम पीने से स्त्रियों के योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं।
  10. अदरक को पानी में उबालकर फिर इसको छानकर इसके पानी को प्रतिदिन सुबह तथा शाम पीने से स्त्रियों के योनिदोष से संबन्धित रोग को ठीक हो जाते हैं। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder.
  11. बथुए को उबालकर फिर इसको छानकर इसके पानी को पीने से स्त्रियों के योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं।
  12. तुलसी की जड़ को सुखाकर पीसकर चूर्ण बना लें फिर इस चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर प्रतिदिन दिन में दो बार सेवन करने से स्त्रियों के योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं।
  13. स्त्रियों के योनिदोष से संबन्धित रोगों को ठीक करने के लिए कई प्रकार के आसन है जिनको करने से ये रोग तुरंत ठीक हो जाते हैं। ये आसन इस प्रकार हैं- अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन, शलभासन, पश्चिमोत्तानासन, त्रिकानासन,, बज्रासन, भुजंगासन तथा योगनिद्रा आदि। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder.
  14. योनिदोष से संबन्धित रोगों को ठीक करने के लिए स्त्रियों के पेड़ू पर मिट्टी की गीली पट्टी का लेप करना चाहिए तथा स्त्रियों को एनिमा क्रिया करके अपने पेट को साफ करना चाहिए। इसके बाद स्त्री को अपने शरीर पर सूखा घर्षण करना चाहिए तथा कटिस्नान करना चाहिए फिर इसके बाद स्त्री को अपने कमर पर गीली पट्टी लपेटनी चाहिए और स्त्री को खाली पेट रहना चाहिए। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder इस प्रकार से रोगी का उपचार करने से योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं।
  15. योनिदोष से संबन्धित रोग से पीड़ित स्त्री को जब योनि में जलन तथा दर्द हो रहा हो उस समय उसे कटिस्नान कराना चाहिए तथा उसके पेड़ू पर मिट्टी की पट्टी लगानी चाहिए और कमर पर लाल तेल की मालिश करनी चाहिए। फिर उसकी कमर पर गीले कपड़े की पट्टी लपेटनी चाहिए। लेकिन इस उपचार को करते समय स्त्रियों को योगासन नहीं करना चाहिए। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder.
  16. यदि रोगी स्त्री का मासिकस्राव आना बंद हो गया हो तो रोगी स्त्री को सुबह के समय में गर्म पानी से कटिस्नान करना चाहिए तथा रात को सोते समय एक बार फिर से कटिस्नान करना चाहिए। फिर रोगी स्त्री को दूसरे दिन गर्म तथा ठंडे पानी में बारी-बारी से सिट्ज बाथ कम से कम दो बार कराना चाहिए। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार कम से कम एक महीने तक करने से योनिदोष से संबन्धित रोग  ठीक हो जाते हैं।
  17. यदि स्त्री को योनि में तेज दर्द है तो रोगी स्त्री को सुबह के समय में गर्म पानी में कटिस्नान और रात को सोने से पहले एक बार गर्म तथा दूसरी बार ठंडे पानी से कटिस्नान करना चाहिए। जिसके फलस्वरूप योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder.
  18. स्त्री को यदि योनि में तेज दर्द हो रहा हो तो अजवायन का पाउडर बनाकर, एक चम्मच पाउडर गर्म दूध में मिलाकर प्रतिदिन दिन में दो बार रोगी स्त्री को सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।
  19. तुलसी की पत्तियां सभी प्रकार के मासिकधर्म के रोगों को ठीक कर सकती हैं। इसलिए योनिदोष से संबन्धित रोग से पीड़ित रोगी स्त्री को प्रतिदिन दो चम्मच तुलसी की पत्तियों का रस पीना चाहिए। इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder.
  20. आधा गिलास अनार का रस प्रतिदिन सुबह के समय में नाश्ते के बाद पीने से योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं।
  21. एक गिलास गाजर के रस में चुकन्दर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर दो महीने तक पीने से योनिदोष से संबन्धित रोग ठीक हो जाते हैं। Ayurvedic Remedy For Vagina Disorder.

अण्डकोष के उपाय ( Testicles Problems )

अण्डकोष के उपाय ( Testicles Problems ) :

अण्डकोष के उपाय ( Testicles Problems ) : andkosh ka ayurvedic ilaj, andkosh ka upay in hindi.

  1. अदरक : इसके 10-20 मिलीलीटर रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से वातज अण्डकोष की बढ़त्तोरी समाप्त हो जाती है।
  2. मूली : मूली के 5 ग्राम बीज मक्खन के साथ सुबह के समय 30 दिनों तक नियमित रूप से लेंने से पौरुष परिपुष्ट (मर्दानगी) होती हैं।
  3. कद्दू या घिया : कद्दू के बीजों का रस पौरुष ग्रंथि के विकारों के लिए बहुत उपयोगी रहता है। पौरुष ग्रंथि को बढ़ने से रोकने के लिए 40 साल से ऊपर के लोगो को इसका प्रयोग रोज खानें में करना चाहिए।
  4. हरड़ : त्रिफला के काढ़े में गोमूत्र यानी गाय का पेशाब मिलाकर पिलाना चाहिए।
  5. दालचीनी : आधा चम्मच दालचीनी पाउडर सुबह-शाम पानी से लेने से अण्डकोष मे पानी भर जाने की शिकायत दूर हो जाती है।
  6. बकायन : 100 ग्राम बकायन के पत्ते को 500 मिलीलीटर पानी में उबालें, फिर उसमें कपड़ा भिगोकर अण्डकोषों को सेंकने और कम गर्म पत्ते को बांधे से अण्डकोषों की सूजन में राहत मिलती है, Testicles Problems.
  7. तंबाकू : तंबाकू के ताजे पत्ते हल्का गर्म करके अण्डकोषों पर बांधकर ऊपर से लंगोट पहन लें, ताकि पत्ता अपनी जगह चिपका रहे। कुछ देर बाद जब लंगोट भीग जायें, ऐसा होने पर लंगोट बदल दें, और दूसरा लंगोट पहन लें। सुबह अण्डकोष में हल्के-हल्के दाने छेद से हो जाते है। यदि ऐसा हो जाए तो उन पर मक्खन लगा दें। कुछ दिन तक सोने से पहले यह प्रयोग करें तथा उठने पर पत्ता खोल दें, Testicles Problems इससे आराम मिलता है।
  8. दूध : 1 गिलास मीठे गर्म दूध में 25 मिलीलीटर एरण्ड का तेल मिलाकर पीने से अण्डकोष की बीमारी में लाभ होता है।
  9. छोटी हरड़ : 10-10 ग्राम छोटी हरड़, रसौत को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर लेप करने से अण्डकोषों की खारिस और जख्म समाप्त हो जाता हैं।
  10. माजूफल : 12 ग्राम माजूफल 6 ग्राम फिटकरी को पानी में पीसकर अण्डकोष पर 15 दिन लेप करने से अण्डकोष में भरा पानी सही हो जाता है।
  11. हल्दी : 2-6 ग्राम हल्दी पिसी को अण्डों की जर्दी में मिलाकर थोड़ा गर्म कर अण्डकोष पर लेप करने, ऊपर से एरण्ड के पत्ते को बांधने से चोट लगे अण्डकोष ठीक हो जाता है। Testicles Problems.
  12. बर्शाशा : 2 ग्राम बर्शाशा पानी के साथ रात को सोते समय सेवन करने से अण्डकोष की सूजन कम हो जाती है।
  13. शराब : 60 मिलीलीटर शराब में पीसा हुआ नौसादर मिलाकर रूई में भिगोकर दिन में अण्डकोष पर 3-4 बार लगाने से सूजन सही हो जाती है।
  14. रोगन कमीला : रोगन कमीला के अण्डकोष पर मालिश करने से अण्डकोष की खारिस सही हो जाती है।
  15. जीरा : 10-10 ग्राम जीरा और अजवायन पानी में पीसकर थोड़ा गर्मकर अण्डकोष पर लेप करने से अण्डकोष का बढ़ना रुक जाता है। Testicles Problems.
  16. रेहान : 10 ग्राम रेहान के बीजों को पानी में पीसकर थोड़ा गर्म करके अण्डकोष पर लेप करने से अण्डकोष का बढ़ना रुक जाता है।
  17. फिटकरी :
  • फिटकरी को पानी में पीसकर अण्डकोष पर लेप करने से लाभ होता है।
  • भुनी फिटकरी 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से अण्डकोष के सूजन और बढे़ हिस्से सही हो जाते हैं।
  • 1-4 ग्राम की मात्रा में फिटकरी और माजूफल को लेकर पानी के साथ बारीक पीसकर बने लेप को अण्डकोष पर लगाने से कुछ ही दिनों में अण्डकोष के रोग से छुटकारा मिलता है।

18. नौसादर :

  • 1 ग्राम नौसादर को 50 मिलीलीटर शराब में पीसकर अण्डकोष पर लगाने से अण्डकोष की सूजन कम हो जाती है।
  • 10 ग्राम नौसादर को पीसकर 400 मिलीलीटर पानी में उबालें इसी पानी में कपड़ा भिगोकर अण्डकोषों को सेंकने से सुजाक के कारण अण्डकोष की सूजन और दर्द सही हो जाते हैं।

अण्डकोष की जलन के उपाय ( Inflammation of the Testicles )

अण्डकोष की जलन के उपाय ( Inflammation of the Testicles ) :

अण्डकोष की जलन के उपाय ( Inflammation of the Testicles ) : andkosh ki jalan ke gharelu upay aur ilaj.

अण्डकोष की जलन के भोजन तथा परहेज :

इस रोग में चावल, कच्चा दूध, दही, पके केले से परहेज करना चाहियें।

  • शराब

शराब के साथ खुरासानी अजवायन को पीसकर अण्डकोष की जलन वाली जगह लेप करने से अण्डकोष के सूजन और दर्द कम हो जाते है।

  • जीरा

सफेद जीरा शराब में मिलाकर लेप करने से अण्डकोष की जलन, सूजन और दर्द से आराम मिलता है।

  • सिनुआर

10-20 मिलीलीटर सिनुआर के पत्तों का रस सुबह-शाम दें। सिनुआर, करंज, नीम और धतुरे के पत्तों को पीसकर हल्का-सा गुनगुना करके बांधनें से जलन, सूजन, और पीड़ा मिट जाती है।

अण्डकोष की खुजली के उपाय ( Itching Of The Testicles )

अण्डकोष की खुजली के उपाय ( Itching Of The Testicles ) : andkosh ki khujali ke upay in hindi.

अण्डकोष की खुजली के कारण :

यह रोग अस्वच्छता के कारण अण्डकोषों में मैल जमा हो जाने के कारण, पसीना लगने पर खुजली मचती है। जिसके कारण उस स्थान पर फोडें-फुंसी हो जाते है। और उनसे पीब बहने लगता है।

अण्डकोष की खुजली के उपाय ( Itching Of The Testicles ) :

  • नीम :
  1. नीम के तेल को रोजाना लगाने से अण्डकोष में खुजली नहीं होती है।
  2. नीम का तेल और तिल का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से अण्डकोष की खुजली रुकती है।
  3. नीम के पत्ते के काढ़े से अण्डकोष को धोने से अण्डकोष की खुजली मिट जाती है।
  • कालीमिर्च :

अण्डकोष में काण्ड जैसी मैल जम जाने पर कालीमिर्च को दही के साथ घिसकर या अच्छी तरह पीसकर लगाने से मैल छूट जाती है।

  • प्याज :

प्याज का रस सरसों के तेल में मिलाकर लगाने से खुजली और अन्य प्रकार की खुजली मिट जाती है।

अण्डकोष के उपाय ( Enlargement Of One Portion Of The Testicles )

अण्डकोष के उपाय ( Enlargement Of One Portion Of The Testicles ) :

अण्डकोष के एक सिरे का बढ़ना के उपाय : Enlargement Of One Portion Of The Testicles, andkosh ka ek shire se badhana in hindi.

भोजन तथा परहेज : इस रोग में केवल सूखा भोजन करना चाहिए। दही, पके केले, मिठाई और ठंड़ी चीजों को खाने से बचना चाहिए।

  • किशमिश

किशमिश को रोजाना खाने से अण्डकोष का बढ़ा हुआ हिस्सा ठीक होता है।

  • लकजन

लकजन को पीसकर अण्डकोष के बढ़े वाले जगह पर बांधने से अण्डकोष में लाभ होता है।

  • कंटकरंज

कंटकरंज के बीजों का चूर्ण एरण्ड के पत्ते पर डालकर अण्डकोष के बढ़े हिस्से और अण्डकोष की सूजन वाली जगह बांधने, और लगभग आधा से 1 ग्राम कंटकरंज के बीजों की मज्जा सुबह-शाम कालीमिर्च के साथ सेवन करने से अधिक लाभ होता है।

  • आम

आम के पेड़ पर के बांझी (बान्दा) को गाय के मूत्र में पीसकर अण्डकोष के बढ़े हिस्से पर लेप करने और सेंकने से लाभ होता है। आम के पत्तों को नमक के साथ पीसकर लेप करें। इससे अण्डकोष का वृद्धि और पानी भरना बन्द हो जाता है।

लिंग दोष के घरेलू उपचार ( Ling Dosh ke Gharelu Upchar )

लिंग दोष के घरेलू उपचार ( Ling Dosh Ke Gharelu Upchar ) :

लिंग दोष के घरेलू उपचार ( Ling Dosh Ke Gharelu Upchar ) : Ling dosh ka ilaj in hindi.

  1. जौ : सूखा जौ पीसकर तिल के तेल में मिलाकर लिंग पर लगाने से लिंग के इन्द्री के दोष दूर हो जाते हैं। नोट : लिंग के अगले भाग पर मालिश न करें।
  2. अजवायन : 10-10 ग्राम अजवायन खुरासानी और सफेद राई को हल्का बारीक पीसकर कूट-छान कर 200 मिलीलीटर पानी में रात को भिगोकर रख दें। सुबह उसे पानी में ही हाथ से मसलकर उससे लिंग को धोने से लिंग के इन्द्री दोष दूर हो जाते हैं।
  3. जीरा : 10-10 ग्राम कपूर, जीरा, जावित्री और लौंग को एक साथ पीसकर इसमें 40 ग्राम खांड़ को मिलाकर रख लें। फिर 5 ग्राम की मात्रा मे बासी पानी के साथ सेवन करने से लिंग की इन्द्रियों के दोष दूर हो जाते हैं।
  4. धतूरा : 5-5 ग्राम धतूरे के बीज और अकरकरा, 3 ग्राम अफीम और 20 ग्राम काली मिर्च को कूट-छानकर उसमें 40 ग्राम खांड़ मिलाकर पानी डालकर उसकी मटर के बराबर गोलियां बनाकर रखें। 1 गोली सुबह-शाम पानी से लेने से लिंग की इन्द्रियों के दोष दूर होते हैं।
  5. राई : पिसी हुई राई को कपड़े में छानकर माल कंधनी को तेल के साथ मिलाकर मालिश करने से लिंग की इन्द्रियों के दोष दूर होते हैं। Ling Dosh ke Gharelu Upchar मालिश लिंग के सुपारी (लिंग का अगला भाग) पर मालिश नहीं करनी चाहिए।
  6. लौंग : लिंग की इन्द्रियों के दोष दूर करने के लिए 20 ग्राम लोंग को 50 मिलीलीटर तिल के तेल में डालकर जलायें। Ling Dosh ke Gharelu Upchar ठंड़ा होने पर उसे लिंग पर मालिश करने से लिंग की इन्द्रियों के दोष दूर हो जाते हैं।
  7. ऊंटकटेरी : 3 ग्राम ऊट कटेरी की जड़ के छिलके को 1.50 ग्राम पानी में पीसकर लिंग पर मालिश करने से लिंग की इन्द्रियों के दोष में लाभ मिलता है।
  8. एरण्डी : तिल, एरण्डी, अजवायन, मालकंधनी, बादाम रोगन, लोंग, मछली और दालचीनी का तेल 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिला लें। उसके बाद 2-4 बूंद लिंग पर डालकर मालिश कर ऊपर से पान के पत्तें रखकर धागे से लिंग पर थोड़ा ढीला बांध दें।
  9. मूली : मूली के बीजों को तेल में पकाकर (औटाकर) उस तेल की कामेन्द्रिय पर मालिश करने से कामेन्द्रिय की शिथिलता (ढ़ीलापन) दूर होकर उसमें उत्तेजना पैदा होती है।
  10. तरबूज : ओस में रखे हुए तरबूज का रस निकालकर सुबह चीनी डालकर पीना चाहिए। Ling Dosh ke Gharelu Upchar इससे लिंग का घाव और मूत्र की जलन नष्ट हो जाती है।

लिंग में वृद्धि के उपचार ( Penis Enlargement Ke Gharelu Upchar )

लिंग में वृद्धि के उपचार ( Penis Enlargement Ke Gharelu Upchar ) :

लिंग में वृद्धि के घरेलू उपचार ( Penis Enlargement Ke Gharelu Upchar ) : ling me vardi ke upay.

  • लौंग : 

लौंग के तेल को शहर के ओलिव ऑयल में मिलाकर सुपारी को (लिंग का अगला हिस्सा) छोडकर मालिश करने से लिंग में वृद्धि हो जाती है।

  • कायफल : 

लिंग को मोटा करने और बढ़ाने के लिए कायफल को भैंस के कच्चे दूध में घिसकर या पीसकर लिंग पर रात को सोते समय लेप करें और सुबह गर्म-गर्म पानी से लिंग को धोने से लिंग मोटा और बढ़ जाता है।

  • उटंगन :

लिंग के बढ़ाने और मोटा करने के लिए उटंगन के बीज कूट-छानकर पानी में घिसकर लिंग पर प्रतिदिन 2 बार लेप करने से लिंग मोटा होता है।

  • इन्द्रजौ : 

लिंग को मोटा करने के लिए रात को सोते समय 7 ग्राम इन्द्रजौ को भैंस के कच्चे दूध में पीसकर 4 बार घोटकर हल्का गुनगुना लेप लगाकर ऊपर से कपड़ा बांध दें। सुबह उठकर गर्म-गर्म पानी से लिंग को धोने से लिंग मोटा और बढ़ जाता है।

  • मूसली : 

मूसली के चूर्ण को घी में मिलाकर लिंग पर लेप करने से लिंग बड़ा और मोटा हो जाता है।

  • हींग : 

हींग को पीसकर शहद में मिलाकर रात को सोते समय लिंग पर लगाने से लिंग की मोटाई बढ़ जाती है।

लिंग का गलना के घरेलू उपचार ( Decaying of penis Ke Gharelu Upchar )

लिंग का गलना के घरेलू उपचार ( Decaying of penis Ke Gharelu Upchar ) :

लिंग का गलना के घरेलू उपचार ( Decaying of penis Ke Gharelu Upchar ) : ling ke galne ka ilaj.

कमीला : 10 ग्राम कमीला को पीसकर 50 मिलीलीटर सरसों के तेल में मिलाकर आग पर गर्म करके ठंडा होने पर लिंग पर लगाने से लिंग का गलना दूर होता है और रोगी का लिंग हष्ट पुष्ट हो जाता है।

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