Category: पेट दर्द का उपचार

पेट के कीड़े के घरेलू नुस्‍खे ( Pet Ke Kide Ke Gharelu Nuskhe )

पेट के कीड़े के घरेलू नुस्‍खे ( Pet Ke Kide Ke Gharelu Nuskhe ) :

पेट के कीड़े के घरेलू नुस्‍खे ( Pet Ke Kide Ke Gharelu ilaj in hindi ) :

  • बड़ी के उम्र व्यक्ति को अगर पेट में कृमि की समस्या है तो सूखे गोले का ताजा बूरा 10 ग्राम मात्रा में लेकर खूब चबा – चबाकर खा लें. इसके तीन घंटे बार सोते समय दो चम्मच केस्टर आइल, आधा कप गुनगुने गर्म दूध में डालकर तीन दिन तक पीएं. पेट के कीड़े मल के साथ निकल जाएंगे !

पेट में वायु भर रोग को दूर के उपाय (Pet mein Gas ka Gharelu ilaj)

पेट में वायु भर रोग को दूर के उपाय (Pet mein Gas ka Gharelu ilaj) :

अफारा / पेट में वायु भर रोग को दूर के उपाय ( Pet mein Gas ka Gharelu ilaj in Hindi ) :

  1. इस रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को 2-3 दिन तक उपवास करना चाहिए तथा दोनों समय एनिमा क्रिया करके अपने पेट को साफ करना चाहिए।
  2. रोगी व्यक्ति को नींबू का पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए तथा इसके बाद रोगी व्यक्ति को पेट पर ठंडा सेंक लेना चाहिए। इसके बाद दिन में 2 बार अपने पेडू पर गीली मिट्टी की पट्टी लगानी चाहिए।
  3. रोगी व्यक्ति को कुछ दिनों के लिए अपनी कमर पर रात के समय में गीली पट्टी लगानी चाहिए तथा सोने से पहले 15 से 20 मिनट तक कटिस्नान करना चाहिए। सुबह के समय उठते वक्त तथा रात को सोने से पहले कागजी नींबू का रस 1 गिलास गरम पानी में निचोड़कर पी लेना चाहिए।
  4. अफारा तथा पेट के सभी प्रकार के दर्दों को ठीक करने के लिए गहरी नीली बोतल के सूर्यतप्त जल को 25 मिलीलीटर की मात्रा में प्रतिदिन 6 बार लेने से बहुत अधिक लाभ होता है।
  5. इस रोग से पीड़ित रोगी को प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने के साथ कुछ पदार्थों को खाने में परहेज भी करना चाहिए, तभी यह रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है। ये पदार्थ इस प्रकार हैं- कच्चा खीरा, पत्ता गोभी, मटर, टमाटर, मूंगफली, किशमिश, आम, आलू, दूध तथा चावल आदि।
  6. रोगी व्यक्ति को उन पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए जिससे अधिक मात्रा में गैस बनती है। इस रोग से पीड़ित रोगी को सुबह के समय में 1 गिलास सन्तरे का रस पीना चाहिए।
  7. इस रोग से पीड़ित रोगी को सुबह के समय में 1 गिलास सेब का रस पीना चाहिए तथा इसके बाद 1 गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। इससे यह रोग जल्दी ठीक हो जाता है। (Pet mein Gas ka Gharelu ilaj).
  8. अफारा रोग से पीड़ित रोगी को अपनी नाभि के ऊपर तथा चारों तरफ सरसों का तेल लगाने से बहुत लाभ मिलता है।
  9. नींबू के रस के साथ सौंफ का सेवन करने तथा इसके बाद भोजन करने से रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
  10. 1 चम्मच अजवायन का पाउडर तथा थोड़ा-सा काला नमक दिन में 2 बार मट्ठे के साथ सेवन करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  11. इस रोग से पीड़ित रोगी को मिर्च-मसालेदार तथा गैस बनाने वाले पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए।
  12. पेट पर हींग लगाने तथा हींग की चने जितनी गोली को घी के साथ निगलने से आफरा मिटता है।
  13. छाछ में जीरा एवं सेंधा नमक या काला नमक डालकर पीने से पेट नहीं फूलता। (Pet mein Gas ka Gharelu ilaj).
  14. 1 से 2 ग्राम काले नमक के साथ उतनी ही सोनामुखी खाने से वायु का गोला मिटता है।
  15. भोजन के पश्चात् पेट भारी होने पर 4-5 इलायची के दाने चबाकर ऊपर से नींबू का पानी पीने से पेट हल्का होता है।
  16. गर्म पानी के साथ सुबह-शाम 3 ग्राम त्रिफला चूर्ण लेने से पत्थर जैसा पेट मखमल जैसा नर्म हो जाता है।
  17. अदरक एवं नींबू का रस 5-5 ग्राम एवं 3 काली मिर्च का पाउडर दिन में दो-तीन बार लेने से उदरशूल मिटता है।
  18. काली मिर्च के 10 दानों को गुड़ के साथ पकाकर खाने से लाभ होता है।
  19. प्रातःकाल एक गिलास पानी में 20-25 ग्राम पुदीने का रस व 20-25 ग्राम शहद मिलाकर पीने से गैस की बीमारी में विशेष लाभ होता है। (Pet mein Gas ka Gharelu ilaj).
  20. पेट में दर्द रहता हो व आँतें ऊपर की ओर आ गई है ऐसा आभास होता हो तो पेट पर अरण्डी का तेल लगाकर आक के पत्ते को थोड़ा गर्म करके बाँध दें। एक घंटे तक बँधा रहने दें। रात को एक चम्मच अरण्डी का तेल व एक चम्मच शिवा का चूर्ण लें। गोमूत्र का सेवन हितकर है। पचने में भारी हो ऐसी वस्तुएँ न खायें।
  21. वायु के प्रकोप के कारण पेट के फूलने एवं अपानवायु के न निकलने के कारण पेट का तनाव बढ़ जाता है। जिससे बहुत पीड़ा होती है एवं चलना भी मुश्किल हो जाता है। अजवायन एवं काला नमक को समान मात्रा में मिलाकर इस मिश्रण को गर्म पानी के साथ एक चम्मच लेने से उपरोक्त पीड़ा में लाभ होता है।
  22. इस रोग से पीड़ित रोगी को कम से कम दो दिनों तक फलों का रस पीकर उपवास रखना चाहिए। जिसके फलस्वरूप रोगी का यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  23. गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से भी यह रोग ठीक हो जाता है। (Pet mein Gas ka Gharelu ilaj).
  24. अदरक का रस तथा शहद मिलाकर दिन में 3 बार चाटने से रोगी को बहुत अधिक फायदा मिलता है।
  25. कुछ दिनों तक लगातार मठ्ठा पीने से भी यह रोग ठीक हो जाता है।
  26. रोगी व्यक्ति यदि कुछ दिनों तक फलों तथा सलाद का सेवन करें तथा इसके बाद कुछ दिनों तक अंकुरित अन्न खाएं तो पेट में गैस बनना रुक जाती है।
  27. इस रोग से पीड़ित रोगी को चोकर समेत आटे की रोटी खानी चाहिए।
  28. रोग से पीड़ित रोगी को केवल 2 समय ही भोजन करने का नियम बनाना चाहिए।
  29. रोगी को कभी भी अधिक गर्म या अधिक ठंडी चीजें नहीं खानी चाहिए।
  30. सप्ताह में एक बार उपवास अवश्य रखना चाहिए ताकि पाचनतंत्र के कार्य पर भार न पड़े और खाया हुआ भोजन आसानी से पच सके तभी यह रोग ठीक हो सकता है। (Pet mein Gas ka Gharelu ilaj).
  31. व्यक्ति को चाय, चना, तली भुनी चीजें आदि नहीं खानी चाहिए।
  32. रोगी व्यक्ति को भोजन करने के बाद वज्रासन करना चाहिए ताकि यह रोग पूरी तरह से ठीक हो सके।
  33. प्रतिदिन भिगोए हुए 10 दाने मुनक्का तथा 2 अंजीर खाने से भी रोगी व्यक्ति को लाभ होता है।
  34. इस रोग से पीड़ित रोगी को प्रतिदिन त्रिफला का चूर्ण पानी के साथ सेवन करना चाहिए तथा हरा धनिया खाना चाहिए। इससे यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  35. प्रतिदिन छोटी हरड़ को मुंह में रखकर चूसने से भी यह रोग ठीक हो जाता है।(Pet mein Gas ka Gharelu ilaj).
  36. पेट में गैस बनने से रोकने के लिए रोगी को पेट पर गर्म-ठंडी सिंकाई करनी चाहिए तथा इसके बाद एनिमा क्रिया करके अपने पेट को साफ करना चाहिए तथा इसके बाद कटिस्नान करना चाहिए और फिर पेट पर मिट्टी की गीली पट्टी कुछ समय के लिए लगानी चाहिए। इस प्रकार से उपचार करने से यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  37. पेट में गैस बनने के रोग को ठीक करने के लिए कई प्रकार की यौगिक क्रियाएं तथा योगासन हैं. जिसको करने से यह रोग ठीक हो जाता है। ये आसन तथा यौगिक क्रियाएं इस प्रकार हैं- पश्चिमोत्तानासन, धनुरासन, शलभासन, उत्तानपादासान, भुजंगासन, हलासन, म्यूरासन, नौकासन तथा सुप्तपवन मुक्तासन आदि।
  38. प्रतिदिन सुबह के समय में पीठ के बल लेटकर साइकिल चलाने की तरह अपने पैरों को 15 मिनट तक चलाने तथा उडि्डयान बंध व कपाल तथा प्राणायाम व्यायाम करने से भी यह रोग ठीक हो जाता है।

पेट दर्द के घरेलू उपचार ( Pet Dard Ke Gharelu Upchar )

Pet Dard Ke Gharelu Upchar aur Pet Dard Ke Gharelu Nuskhe :

पेट दर्द के घरेलू उपचार ( Pet Dard Ke Gharelu Upchar ) :

Pet Dard Ke Gharelu Upchar – कभी-कभी गलत खाने-पीने के कारण पेट में दर्द हो जाता हैं। सामान्य पेट दर्द का घरेलु इलाज किया जा सकता हैं। परन्तु यदि पेट दर्द काफी तेज हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। पेट दर्द का इलाज उसके होने के कारण के अनुसार करना चाहिए। सामान्य पेट दर्द कुछ घंटो में ही ठीक हो जाता हैं। पेट दर्द होने के कुछ सामान्य कारण खाना सही से नहीं पचना, पेट में कब्ज या गैस, बाहर का ऑयली खाना और पेट में कीड़े पड़ना हो सकता हैं। ज्यादा समय तक या ज्यादा तेज पेट दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें, यदि सामान्य पेट दर्द हैं तो उसके लिए हम आपको Pet Dard Ke Gharelu Upchar, Simple Treatment of Stomach Pain, Pet Dard Ke Gharelu Nuskhe आयुर्वेद के घरेलु उपाय बता रहे हैं-

Pet Dard Ke Gharelu Upchar

पेट दर्द के घरेलू उपचार ( Pet Dard Ke Gharelu Upchar in Hindi ) :

  1. पेट दर्द मे हींग बहुत ही लाभकारी है। 5 ग्राम हींग थोडे पानी में पीसकर पेस्ट बनाएं। इसे नाभी पर और उसके आस पास लगायें फिर क़ुछ देर लेटे रहें। इससे पेट की गैस निकल जायेगी और दर्द में राहत मिलेगी ।
  2. जीरा पेट दर्द मे बहुत हि लाभदायक है । जीरा को तवे पर भून ले । 2-3 ग्राम की मात्रा गरम पानी के साथ दिन मे 3-4 बार लें या वैसे ही चबाकर खाये शीघ्र लाभ प्राप्त होता है।
  3. 10 ग्राम तुलसी का रस पीने से पेट की मरोड़ व दर्द जल्दी ही ठीक होता है।
  4. त्रिफला का 100 ग्राम चूर्ण में 75 ग्राम चीनी मिलालें इस चुर्ण का 5 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 -3 बार पानी के साथ सेवन करें। इससे पेट की सभी बीमारियां समाप्त होती हैं।
  5. सूखा अदरक को मुहं मे चूसने से पेट दर्द में (Pet Dard Ke Gharelu Upchar) तुरन्त राहत मिलती है।
  6. पेट दर्द में पानी में थोडा सा मीठा सोडा डालकर पीने से फ़ायदा होता है।
  7. बिना दूध की चाय पीने से भी पेट दर्द में आराम मेहसूस होता हैं।
  8. अजवाईन तवे पर भून लें। इसको काला नमक के साथ मिलाकर 2-3 ग्राम गरम पानी के साथ दिन में 3 बार लेने से पेट के दर्द में शीघ्र आराम मिलता है!
  9. एक चम्मच अदरक के रस में 2 चम्मच नींबू का रस और थोडी सी चीनी मिलाकर दिन मे 3 बार लेने से भी पेट दर्द में आराम मिलता है।
  10. किसी भी पेट दर्द में केला खाना लाभकारी होता है। केला एक पोषक आहार होता है। केले का सेवन से पेट दर्द में शीघ्र आराम मिलता है! नींबू के रस में काला नमक, जीरा, अजवायन चूर्ण मिलाकर दिन में तीन चार बार लेने से पेट दर्द से आराम मिलता है।
  11. हरा धनिया का रस एक चम्मच शुद्ध घी मे मिलाकर लेने से पेट के दर्द में शीघ्र आराम (Pet Dard Ke Gharelu Upchar) मिलता है।
  12. अनार पेट दर्द मे बहुत लाभदायक माना गया है। अनार के बीज थोडी मात्रा में नमक और काली मिर्च के साथ दिन में दो तीन बार लें।
  13. मूली की चटनी, अचार, सब्जी या मूली पर नमक, काली मिर्च डालकर खाने से पेट के सभी रोग दूर होते है।
  14. चौलाई की सब्जी बनाकर खाने से पेट की सभी बीमारियां समाप्त होती है!
  15. सौंठ का 1 चम्मच चूर्ण और सेंधा नमक को एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट दर्द खत्म हो जाता है।
  16. इसबगोल को दूध के साथ रात को सोते वक्त लेते रहने से पेट के दर्द में आराम मिलता है ।
  17. प्याज को आग में गर्म करके रस निकाल लें और इस रस में नमक मिलाकर पीएं। इससे भी पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
  18. दो चम्मच ग्राम सौंफ़ रात भर एक गिलास पानी में गलाएं इसे सुबह खाली पेट छानकर पीयें पेंट दर्द मे आराम मिलता है ।
  19. अदरक और लहसुन को बराबर कि मात्रा में पीसकर एक चम्मच कि मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ मिलता है !
  20. एक ग्राम काला नमक और दो ग्राम अजवायन गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ (Pet Dard Ke Gharelu Upchar) मिलता है !
  21. अमरबेल के बीजों को पानी से पीसकर बनाए गये लेप को पेट पर लगाकर कपडे से बाँधने से गैस कि तकलीफ , डकारें आना , अपानवायु न निकलना , पेट दर्द और मरोड़ जैसे कष्ट दूर हो जाते हैं।
  22. सौंठ , हींग और कालीमिर्च का चूर्ण बराबर कि मात्रा में मिलाकर एक चम्मच कि मात्रा में गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है!
  23. जटामांसी , सौंठ , आंवला और काला नमक बराबर कि मात्रा में पीस लें और एक एक चम्मच कि मात्रा में तीन बार लेने से भी पेट दर्द से राहत मिलती है।
  24. जायफल का एक चौथाई चम्मच चूर्ण गर्म पानी के साथ सेवन करने से भी पेट दर्द (Pet Dard Ke Gharelu Upchar) में आराम पहुँचता है!
  25. पत्थरचट्टा के दो तीन पत्तों पर हल्का नमक लगाकर या पत्तों के एक चम्मच रस में सौंठ का चूर्ण मिलाकर खिलाने से पेट दर्द से राहत मिलती है।
  26. सफ़ेद मुसली और दालचीनी को समभाग में मिलाकर पीस लें। एक चम्मच कि मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से 2-3 खुराक में ही पूरा आराम मिल जाता है।

कब्ज का घरेलु इलाज ( Kabj Ke Gharelu Upay )

कब्ज का घरेलु इलाज ( Kabj Ke Gharelu Upay ) :

Kabj Ke Gharelu Upay aur Home Remedies for Constipation :

वर्तमान समय में कब्ज की समस्या से काफी लोग परेशान हैं। क्योंकि कब्ज से बहुत सी बीमारिया जन्म लेती हैं। इसलिए सही समय पर इसका सफल इलाज करना जरुरी हैं। इसका मुख्य कारण सही समय पर खाने-पीने पर ध्यान नहीं देना हैं। इसके अलावा कब्ज के अन्य कारण पानी काम पीना, समय पर खाना नहीं खाना, पाचन सही से नहीं होना और मल सही समय पर नहीं त्यागने से हो सकता हैं। इसलिए दवाइयां लेने से अच्छा हैं की आप कब्ज होने के कारणों से ही दूर रहे। लेकिन फिर भी यदि आपको कब्ज  रहती हैं तो हम आपको आयुर्वेदिक तरीकों से कब्ज से छुटकारा पाने के कुछ उपाय Kabj Ke Gharelu Upay, Constipation home Treatment, Kabj ke Gharelu Nuskhe और Home Remedies for Constipation aur Kabj के बारे में बताते हैं-

Kabj Ke Gharelu Upay

कब्ज का घरेलु इलाज ( Kabj Ke Gharelu Upay ) :

  • रात का रखा हुआ सवा लीटर पानी हर रोज सुबह सूर्योदय से पूर्व बासी मुँह पीने से कभी कब्जियत नहीं होगी तथा अन्य रोगों से सुरक्षा होगी।
  • रात्रि में पानी के साथ 2 से 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से अथवा 3-4 तोला (40-50 ग्राम) मुनक्का (काली द्राक्ष) को रात्रि में ठण्डे पानी में भीगोकर सुबह उन्हें मसलकर, छानकर थोड़े दिन पीने से कब्जियत मिटती है.
  • एक हरड़ खाने अथवा 2 से 5 ग्राम हरड़ के चूर्ण को गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज मिटती है। शास्त्रों में कहा गया हैः यस्य माता गृहेनास्ति तस्य माता हरीतकी।कदाचित्कुप्यते माता न चोदरस्था हरीतकी।।‘जिसकी माता नहीं है उसकी माता हरड़ है। माता कभी क्रुद्ध भी हो सकती है किन्तु पेट में गई हुई हरड़ कभी कुपित नहीं होती।’
  • गुडुच का सेवन लंबे समय तक करने से कब्ज के रोगी को लाभ होता है।.
  • कड़ा मल होने व गुदाविकार की तकलीफ में जात्यादि तेल या मलहम को शौच जाने के बाद अंगुली से गुदा पर लगायें। इससे 7 दिन में ही रोग ठीक हो जायगा। साथ में पाचन ठीक से हो ऐसा ही आहार लें। छोटी हरड़ चबाकर खायें. Kabj Ke Gharelu Upay.
  • एक गिलास सादे पानी में एक नींबू का रस एवं दो-तीन चम्मच शहद डालकर पीने कब्ज मिट जाता है।
  • एक चम्मच सौंफ का चूर्ण और 2-3 चम्मच गुलकन्द प्रतिदिन दोपहर के भोजन के कुछ समय पश्चात् लेने से कब्ज दूर होने में सहायता मिलती है।

ध्यान देवें : कब्ज सब रोगों का मूल है। अतः पेट को सदैव साफ रखना चाहिए। रात को देर से कुछ भी न खायें तथा भोजन के बाद दो घंटे तक न सोयें। मैदे से बनी वस्तुएँ एवं दही अधिक न खायें। बिना छने (चोकरयुक्त) आटे का सेवन, खूब पके पपीते का सेवन एवं भोजन के पश्चात् छाछ का सेवन करने से कब्जियत मिटती है।

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