Category: मधुमेह का उपचार

डायबिटीज के घरेलू उपचार ( Diabetes Treatment aur Sugar ka ilaj )

Diabetes Treatment aur Sugar ka ilaj in Hindi :

Diabetes Treatment aur Sugar ka ilaj – आज हम आपको Sugar Kam Kaise Kare और Diabetes Control Karne Ke Gharelu Nuskhe Hindi Me और साथ ही Diabetes Treatment aur Sugar ka ilaj आयुर्वेद के अनुसार कैसे किया जा सकता है। मधुमेह (डायबिटीज) को sugar के नाम से भी जाना जाता हैं, जो की एक आम समस्या बन गयी हैं। इस बीमारी में आदमी बहुत कमजोर होता चला जाता हैं, इसलिए सही समय पर Diabetes Symptoms को जानकर Diabetes Treatment करवाना जरुरी हैं। डायबिटीज के रोगी में blood sugar levels की मात्रा बढ़ जाती हैं। डायबिटीज के रोगी को समय समय पर blood sugar levels की जाँच करवाते रहना चाहिए। हम आज आपको Diabetes Symptoms और Diabetes Control Karne Ke Gharelu Nuskhe Hindi Me आयुर्वेद के अनुसार बताते हैं –

Diabetes Symptoms and Diabetes Control

मधुमेह के लक्षण ( Diabetes Symptoms ) :

1. बार-बार पेशाब आना।
2. बहुत ज्यादा प्यास लगना।
3. बहुत पानी पीने के बाद भी गला सूखना।
4. खाना खाने के बाद भी बहुत भूख लगना।
5. मितली होना और कभी-कभी उल्टी होना।
6. हाथ-पैर में अकड़न और शरीर में झंझनाहट होना।
7. हर समय कमजोरी और थकान की शिकायत होना।
8. आंखों से धुंधलापन होना।
9. त्वचा या मूत्रमार्ग में संक्रमण।
10. त्वचा में रूखापन आना।
11. चिड़चिड़ापन।
12. सिरदर्द।
13. शरीर का तापमान कम होना।
14. मांसपेशियों में दर्द।
15. वजन में कमी होना।

Diabetes Treatment aur Sugar ka ilaj

मधुमेह को नियंत्रण करने के घरेलू उपाय (Diabetes Treatment aur Sugar ka ilaj or Sugar Kam Kaise Kare) :

  1. तुलसी के पत्तों में ऐन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इनसुलिन (insulin) के लिये सहायक होते है । इसलिए शुगर लेवल को कम करने के लिए दो से तीन तुलसी के पत्ते को प्रतिदिन खाली पेट लें, या एक टेबलस्पून तुलसी के पत्ते का जूस लें।
  2. 10 मिग्रा आंवले के जूस को 2 ग्राम हल्दी के पावडर में मिला लीजिए। इस घोल को दिन में दो बार लीजिए। इससे खून में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है।
  3. काले जामुन डायबिटीज के मरीजों के लिए अचूक औषधि मानी जाती है। मधुमेह के रोगियों को काले नमक के साथ जामुन खाना चाहिए। इससे खून में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है।
  4. लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar levels) को कम करने के साथ वजन को भी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।
  5. करेले को मधुमेह की औषधि (Madhumeh Ka Ilaj) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका कड़वा रस शुगर की मात्रा कम करता है।अत: इसका रस रोज पीना चाहिए। उबले करेले के पानी से मधुमेह को शीघ्र स्थाई रूप से समाप्त किया जा सकता है।
  6. मधुमेह के उपचार के लिए मैथीदाने का बहुत महत्व है, इससे पुराना मधुमेह भी ठीक हो जाता है। मैथीदानों का चूर्ण नित्य प्रातः खाली पेट दो टी-स्पून पानी के साथ लेना चाहिए ।
  7. काँच या चीनी मिट्टी के बर्तन में 5-6 भिंडियाँ काटकर रात को गला दीजिए, सुबह इस पानी को छानकर पी लीजिए।
  8. मधुमेह मरीजो को नियमित रूप से दो चम्मच नीम और चार चम्मच केले के पत्ते के रस को मिलाकर पीना चाहिए।
  9. ग्रीन टी भी मधुमेह मे बहुत फायदेमंद मानी । जाती है ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं जो एक मज़बूत एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपो-ग्लाइसेमिक तत्व हैं, शरीर इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है।
  10. सहजन के पत्तों में दूध की तुलना में चार गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। मधुमेह में इन पत्तों के सेवन से भोजन के पाचन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है। इसके नियमित सेवन से भी लाभ प्राप्त होता है ।
  11. एक टमाटर, एक खीरा और एक करेला को मिलाकर जूस निकाल लीजिए। इस जूस को हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट लीजिए। इससे डायबिटीज में बहुत फायदा होता है।
  12. गेहूं के पौधों में रोगनाशक गुण होते हैं। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों से रस निकालकर प्रतिदिन सेवन करने से भी मुधमेह नियंत्रण में रहता है।
  13. मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में खीरा नींबू निचोड़कर खाकर भूख मिटाना चाहिए।
  14. मधुमेह उपचार (Diabetes Treatment) मे शलजम का भी बहुत महत्व है । शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग भी ज्यादा करना चाहिए।
  15. 6 बेल पत्र , 6 नीम के पत्ते, 6 तुलसी के पत्ते, 6 बैगनबेलिया के हरे पत्ते, 3 साबुत काली मिर्च ताज़ी पत्तियाँ पीसकर खाली पेट, पानी के साथ लें और सेवन के बाद कम से कम आधा घंटा और कुछ न खाएं , इसके नियमित सेवन से भी शुगर सामान्य हो जाती है ।
  16. नीबू: मधुमेह के मरीज को प्यास अधिक लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने की अवस्था में नीबू निचोड़कर पीने से प्यास की अधिकता शांत होती है।
  17. खीरा: मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए।
  18. गाजर-पालक : इन रोगियों को गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है।
  19. शलजम : मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। अतः शलजम की सब्जी, पराठे, सलाद आदि चीजें स्वाद बदल-बदलकर ले सकते हैं।
  20. जामुन : मधुमेह के उपचार (Diabetes Treatment) में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में बेहद फायदेमंद हैं। मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन औषधि के रूप में खूब करना चाहिए।जामुन की गुठली संभालकर एकत्रित कर लें। इसके बीजों जाम्बोलिन नामक तत्व पाया जाता है, जो स्टार्च को शर्करा में बदलने से रोकता है। गुठली का बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए। दिन में दो-तीन बार, तीन ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शुगर की मात्रा कम होती है।

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