Category: दस्त का उपचार

दस्त के उपाय ( Home Remedies for Loose Motion) Diarrhea Treatment

Home Remedies for Loose Motion and Diarrhea Treatment in Hindi :

Home Remedies for Loose Motion, Diarrhea Treatment – दस्त (Dast) को Loose Motion (Diarrhea) भी कहते हैं। यह एक पेट की बीमारी है जो की एक बैक्टेरियल संक्रमण (बैक्टेरियल influenza) बीमारी हैं और यह खराब खाने या पाचन तंत्र के बिगड़ने से हो सकती हैं। दस्त (Loose Motion) एक आम बीमारी है जो बच्चों या बड़ो किसी को भी हो सकती हैं। भोजन के सही तरीके से पाचन नहीं होने पर और गर्मियों के दिनों में ज्यादा समस्या होती हैं। दस्त हो जाने पर शरीर में कमजोरी महसूस होती हैं. और शरीर में पानी की कमी होने लगती हैं। इसलिए सही समय पर दस्त का इलाज करवाना चाहिए नहीं तो फिर ये Diarrhea में बदल जाता हैं। हम आपको आयुर्वेदिक तरीकों से Dast ke ilaj ke saral Ayurvedic Upay, Home Remedies for Loose Motion, Diarrhea Treatment और Gharelu Nuskhe for Loose Motion के बारे में बताते हैं –

Home Remedies for Loose Motion

उल्टी और दस्त के घरेलु उपचार (Home Remedies for Loose Motion and Diarrhea Treatment) :

  1. उल्टी होने पर नीँबू का रस पानी में घोल कर लेने से शीघ्र ही फायदा होता है ।
  2. आप एक दो लौंग, दालचीनी या इलायची मुहँ में रखकर चूसिये यह मसाले उल्टियाँ विरोधक औषधियों होने के कारण उल्टियाँ रोकने में बहुत ही मददगार साबित होते है।
  3. तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस शहद के साथ लेने से उल्टी में लाभ मिलता है ।
  4. एक चम्मच प्याज का रस पीने से भी उल्टी में लाभ मिलता है.
  5. गर्मियों में यदि बार बार उल्टियाँ आती है तो बर्फ चूसनी चाहिए ।
  6. पुदीने के रस को लेने से भी उल्टी में लाभ मिलता है ।
  7. धनिये के पत्तों और अनार के रस को थोड़ी थोड़ी देर के बाद बारी-बारी से पीने से भी उल्टी रुक जाती है ।
  8. 1/4 चम्मच सोंठ एक चम्मच शहद के साथ लेने से उल्टी में शीघ्र आराम मिलता है ।
  9. नींबू का टुकड़ा काले नमक के साथ अपने मुंह में रखने से आपको उल्टी महसूस नहीं होती है. रुक जाती है ।
  10. आधा चम्मच पिसे हुए जीरे का पानी के साथ सेवन करने से उल्टियों से शीघ्र छुटकारा मिलता है ।
  11. एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल का सिरका डालकर पियें उल्टी में तुरंत आराम (Diarrhea Treatment) मिलेगा ।
  12. उल्टियाँ होने से 12 घंटो बाद तक ठोस आहार का सेवन न करें, लेकिन भरपूर मात्रा में पानी और फलों के रस का सेवन करते रहें।
  13. तैलीय, मसालेदार, भारी और मुश्किल से पचनेवाले खाद्द्य पदार्थों का सेवन न करें इससे भी उल्टियाँ आती है ।
  14. पित्त की उल्टी होने पर शहद और दालचीनी मिलाकर चाटें.
  15. हरर को पीसकर शहद के साथ मिलाकर चाटने से उल्टी बंद होती है|
  16. खाना खाने के तुरंत बाद न सोयें। खाने के बाद टहलने की आदत डालें । जब भी सोयें तो अपनी दाहिनी बाज़ू पर सोयें। इससे आपके पेट के पदार्थ मुंह तक नहीं आयेंगे ।
  17. दही, भात, को मिश्री के साथ खाने से दस्त में आराम (Home Remedies for Loose Motion) आता है।
  18. एक एक चम्मच अदरक , नीबूं का रस काली मिर्च के साथ लेने पर भी दस्त में आराम मिलता है ।
  19. सौंफ और जीरे को बराबर-बराबर मिला कर भून कर पीस लें । इसे आधा-आधा चम्मच पानी के साथ दिन में तीन बार लेने से दस्तों में फायदा मिलता है ।
  20. केले, सेब का मुरब्बा और पके केले का सेवन करें दस्त में तुरंत आराम मिलेगा ।
  21. दस्त आने पर अदरक के टुकड़े को चूसे या अदरक की चाय पियें पेट की मरोड़ भी शांत होती है. और दस्त में भी आराम मिलता है ।
  22. दस्त रोकने के लिए चावल के माड़ में हल्का नमक और काली मिर्च डालकर उसका सेवन करें दस्त रुक (Home Remedies for Loose Motion) जायेंगे ।
  23. जामुन के पेड़ की पत्तियाँ पीस कर उसमें सेंधा नमक मिला कर 1/4 चम्मच दिन में दो बार लेने से दस्त रुक जाते है ।
  24. दस्त आने पर दूध और उससे बनी हुई चीजों का सेवन कतई भी ना करें ।
  25. दस्त आने पर दस्त के साथ शरीर के खनिज वा तरल पदार्थ बाहर निकलते है. इनकी कमी पूरी करने के लिए O.R.S का घोल पियें ।
  26. 1 से 2 ग्राम सोंठ का पाउडर 2 से 10 ग्राम शहद के साथ देने से दस्त एवं उलटी में लाभ होता है।
  27. तुलसी के पंचांग (जड़, पत्ती, डाली, मंजरी, बीज) का काढ़ा देने से अथवा प्याज, अदरक एवं पुदीने प्रत्येक के 2 से 5 मिलिलीटर रस में 1 से 2 ग्राम नमक मिलाकर देने से दस्त में लाभ होता है।
  28. दस्त के रोगी की नाभि में बड़ का दूध अदरक का रस भर देने से लाभ (Home Remedies for Loose Motion) होता है।
  29. आम की गुठली की गिरी का 4 से 5 ग्राम चूर्ण शहद के साथ देने से लाभ होता है।
  30. सौंफ और जीरा सम भाग लेकर तवे पर भूनें और बारीक पीसकर 3-3 ग्राम दिन में 2-3 बार पानी के साथ खिलावें। दस्त बन्द करने के लिए यह सस्ता व अच्छा इलाज है।
  31. कैसे भी तेज दस्त हों जामुन के पेड़ की पत्तियाँ (न ज्यादा पकी हुई न ज्यादा मुलायम) लेकर पीस लें। उसमें जरा सा सेंधा नमक मिलाकर उसकी गोली बना लें। एक-एक गोली सुबह-शाम पानी के साथ लेने से दस्त बन्द हो जाते हैं।

Diarrhea Treatment and Nimbu Pani Diarrhea Treatment and pudhina ke Gun

खूनी दस्त के उपाय (Gharelu Nuskhe for Loose Motion) :

  • एक-एक तोला (12 ग्राम) इन्द्रजौ एवं अनार की छाल का काढ़ा बनाकर शहद के साथ पीने से खूनी दस्त में लाभ होता है। इसमें अनार के रस का सेवन भी लाभदायक (Diarrhea Treatment) है।
  • खूनी बवासीर (अल्सरेटीव कोलाइस) में तुलसी के बीज उपयोगी हैं. 10 से 20 ग्राम बीज कूटकर रात को मिट्टी के बर्तन में छः गुने पानी में भिगोयें। सुबह उसमें जीरा र शक्कर मिलाकर उस पानी को पीने से दस्त में गिरता खून बंद होता है। फीके दही के साथ तुलसी के बीज का चूर्ण लेने से भी मल के साथ जाता रक्त बंद होता है।
  • एक कप गन्ने के रस में आधा कप अनार का रस मिलाकर सुबह-शाम पिलाने से रक्तातिसार मिटता है।

जीर्णातिसार / पुराना दस्त रोग को दूर के उपाय (Home Remedies for Loose Motion and Diarrhea Treatment) :

  1. इसके साथ ही रोग को दूर करने के लिए गुनगुने पानी से एनिमा क्रिया करें। इससे पेट में मौजूद श्लेष्मा और कीटाणु बाहर निकल जाते हैं।
  2. एनिमा क्रिया करने पर रोगी में कमजोरी उत्पन्न होती है. अत: इस रोग में एनिमा लेने के बाद आराम से बिस्तर पर लेटे रहना चाहिए। जितनी बार भी शौच के लिए जाए, उतनी बार 95 फारेनहाइट पानी से एनिमा क्रिया करें. गर्म पानी का एनिमा लेने के बाद कुछ देर रूककर ठंडे पानी का एनिमा क्रिया करें।
  3. जीर्णातिसार रोग में प्रतिदिन एनिमा क्रिया करने से आंतों की सफाई करने के बाद 250 ग्राम ठंडे पानी का एनिमा लें। यदि चाहो तो इस पानी में दही या मट्ठा भी मिलाकर एनिमा ले सकते हैं।
  4. अतिसार के समाप्त होने पर कमजोरी और शरीर के दूषित तत्वों का निकालने के लिए वाष्पस्नान करें और बाद में ठंडे पानी का समस्नान कुछ देर करें।

जीर्णातिसार रोग में सावधानी :

  • जीर्णातिसार में ठंडे रस, गर्म पट्टी या अधिक देर तक सेंक देना हानिकारक है। इस रोग के खत्म हो जाने पर भोजन आदि पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

Baccho ke liye Diarrhea Treatment :

सौंठ को पानी के साथ घिसकर इसके लेप में थोड़ा सा पुराना गुड़ और 5-6 बूंद घी मिलाकर थोड़ा गर्म कर लें. बच्चे को लगने वाले दस्त इससे ठीक हो जाते हैं। ज्यादा दस्त लग रहें हों तो इसमें जायफल घिसकर मिला लें।

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