Category: औषधीय पौधों के गुण

कमरख के फायदे ( Kamrakh ke fayde aur Star fruit Benefits )

कमरख के फायदे ( Kamrakh ke fayde ) :

कमरख को बहुत कम लोग जानते हैं, इसलिए लोगो को Kamrakh ke fayde और Star fruit Benefits के बारे में ज्यादा पता नही हैं। कमरख को Star Fruit भी कहते हैं। कमरख के पेड़ के फूल छोटे सफेद और बैंगनी रंग के होते हैं। इसका कच्चा फल का प्रयोग सब्जी बनाने के लिए करते है. और पका हुवा फल खट्टा और मीठा स्वाद देता हैं। इसके फलों का उपयोग अचार, चटनी, शरबत, मुरब्बा बनाने में भी करते हैं। आज हम आपको Kamrakh ke fayde और kamrakh khane ke labh के बारे में बताते हैं।

Kamrakh ke fayde

कमरख के फायदे ( Kamrakh ke fayde aur Star fruit Benefits ) :

  1. कमरख का सेवन करने से गर्मियों में चलने वाली लू के प्रभाव से बचत हैं और शरीर में ताजगी और शक्ति को बढ़ाता हैं। गर्मियों में यह शरीर में ठंडक उत्पन्न करता हैं और बार-बार लगने वाली प्यास को शांत करता हैं।
  2. यह गर्मी से होने वाले बुखार को सही करता हैं और Kamrakh ke Juice के सेवन से यह भूख को बढ़ाता हैं।
  3. गर्मियों में कमरख की चटनी और अचार काफी फायदेमंद होते हैं।
  4. Kamrakh ke Juice के सेवन से शराब का नशा उतर जाता हैं। कमरख का ताजा रस और शरबत फायदेमंद होता हैं।
  5. कपड़े पर लगे दाग को हटाने के लिए आप कमरख का उपयोग कर सकते हैं। दाग वाली जगह पर आप कमरख से रगड़ कर कुछ समय बाद पानी से धो लीजिये।
  6. कमरख के पत्ते खट्टे होते है। ये शारीरिक जलन को दूर करते हैं. कमरके की हलकी डंडी और पत्तो को पीस कर दाद खुजली वाले स्थान पर लगाने से फायदा होता हैं।
  7. कमरख में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, पोषक तत्व होते हैं। कमरख बालो की व्रद्धि और बालो को गिरने से बचाता हैं साथ ही यह शरीर को संक्रमण से बचाता हैं।
  8. यह रक्त को शुद्ध करता हैं और मुँहासे को सही करता हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता हैं। यह दिल की बिमारियों से बचाता हैं इसके साथ ही यह वजन कम करने, दस्त, रक्त प्रदर, बवासीर, अपच, पेचिश में लाभदायक हैं।

कमरख के नुकसान ( Kamrakh ke Nuksan ) :

  • हमने आपको Kamrakh ke fayde तो बता दिए हैं. पर ज्यादा किसी भी चीज को खाने से यह नुकसान देता हैं। कच्चे कमरख के अधिक सेवन से यह छाती में दर्द और बुखार हो सकता हैं।
  • गर्भवती महिला कमरख का सेवन बिलकुल नही करें, पथरी, किडनी और गुर्दे के रोगी को भी कमरख खाने से बचना चाहिए।

आंवला के फायदे और गुण ( Amla ke fayde or Benefits of Amla Juice )

आंवला के फायदे और गुण ( Amla ke fayde or Benefits ) :

आंवले का आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान हैं। इसी कारण भारत में आंवला हर जगह आसानी से मिल जाता हैं। ताजा हरा आंवला हो या फ्हिर सूखा हुवा पुराना आंवला हो, इसके गुण ख़तम नही होते हैं बहुत सी बिमारियों को दूर करने में इसका उपयोग किया जाता हैं। आपने आंवला खूब देखा भी है और खाया भी हैं, लेकिन आंवला के फायदे Amla ke fayde क्या हैं, आंवला के गुण क्या है, आंवला के उपयोग क्या हैं। इनके बारे में आज हम आपको बताते हैं। आंवले में 81.2 प्रतिशत आर्द्रता, 0.5 प्रतिशत, 14.1 प्रतिशत कार्बोहाइट्रेड, 0.1 प्रतिशत वसा, विटामिन सी, विटामिन ए, खनिज तत्व, ग्लूकोज पाया जाता हैं।

Amla ke fayde

आंवला के फायदे और गुण ( Amla ke fayde ) :

  1. बालो के लिए : बालों को काला, घना और झड़ने से बचने का गुण आंवले में हैं। आंवला खाने या इसे पीस कर बालो में लगाने से बल जड़ से मजबूत और चमकदार बनते हैं सूखे आंवले को पानी में भिगो दे और इस पानी से सुबह अपने बालों को धोये या फिर सूखे आंवले में मेहँदी मिलाकर बालों में लगाने से बल काले और जड़ से मजबूत होते हैं। आमला बालों को फायदा पहुँचाता हैं इसीकारण आज कल आंवला के शैम्पू और हेयर प्रोडक्ट काफी मिल रहे हैं।
  2. आँखों के लिए : आंवला के नियमित सेवन से आखो की रोशनी बढ़ती हैं और रात का धुंधलापन दूर होता हैं आप आवला को खा भी सकते है। और ज्यूस भी पी सकते हैं आंवले के चूर्ण को पानी में भिगो दे और पानी को छान कर उससे आँखे धोने से रोशनी बढ़ती हैं और आँखों के रोग में लाभ होता हैं।
  3. आंवला मेटाबोलिक क्रिया को बढ़ता हैं। आंवला के ज्यूस के नियमित सेवन से यह मोटापे को भी काम करता है आंवला के सेवन से कब्ज दूर होती हैं खट्टी डकार, पेट की गैस, पाचन में फायदा होता हैं। खाने के बाद सूखा आवला खाने से पाचन अच्छा रहता हैं। आंवला मधुमेह या डायबिटीज के लिए लाभदायक हैं और ह्रदय को स्वस्थ्य रखता है आंवले के रास में शहद मिला कर पीने से लाभ होता हैं।
  4. आंवला के नियमित सेवन से महिलावो में महामारी की समस्या सही होती है। पीरियड टाइम सही समय पर आता है। पेट दर्द में भी फायदा होता है और स्वप्न दोष की समस्या भी दूर होती हैं शुक्राणु की क्रियाशीलता और अंडाणु सही से बनते हैं।
  5. आंवला (Aavla) में कैल्शियम पाया जाता है आंवला के सेवन से हड्डियाँ मजबूत, दांत, बाल, नाख़ून के लिए लाभदायक है।
  6. आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट होते है जो शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है साथ ही आंवला बैक्टीरिया और फंगस से सुरक्षा करता हैं। इसमें विटामिन C बहुत अधिक मात्रा में होता है। यह शरीर में आरोग्य शक्ति को बढ़ाता है साथ ही विटामिन C संक्रमण से दूर, मसूढ़ो को स्वस्थ्य, घाव भरने और खून बनाने में भी मदद करता है।
  7. आंवले की छाल और पत्तियों को पानी में उबाल कर छान ले, इसके सेवन से किडनी संक्रमण और किडनी स्टोन से छुटकारा मिलता है।
  8. आंवले के सेवन से नकसीर की समस्या दूर होती है आंवले का रास नाक में टपकाये और आंवला पीस कर सर पर लेप करें।
  9. आंवले के नियमित सेवन से बवासीर सही हो जाता हैं। एक चम्मच आंवले का चूर्ण रोज लेने से बवासीर में लाभ होता हैं।
  10. आंवला (Avla) के फायदे और गुण बहुत है। यह यह सभी रोगों की अचूक औषधि है इसके अलावा आंवले के सेवन से उलटी वमन में लाभकारी, दांत दर्द, दस्त, स्मरणशक्ति, बेचैनी, रक्तचाप, वात, पित्त, कफ, पेट दर्द, रक्त दोष, पाचन, मूत्र विकार, बालों के रोग, यकृत, ह्रदय रोग, नेत्र रोग और चर्म रोगों में फायदा करता हैं।
  11. बच्चे बिस्तर पर पेशाब करते है या हकलाते या तुतलाते है तो आंवले के सेवन से जीभ पतली होकर आवाज सही हो जाएगी आप ताजा आँवले, सूखे आंवले, आंवले के रस, आंवले का मुरब्बा या आँवले का अचार किसी भी रूप में आंवले का उपयोग कर सकते है।

इलायची के फायदे ( Cardamom elaichi ke fayde )

इलायची के फायदे ( Cardamom elaichi ke fayde ) :

इलायची के फायदे ( elaichi ke fayde ) : ilayachi khane ke labh, elaichi ke benefits in hindi.

इलायची की एक बहुत ही आकर्षक गंध है जो तंत्रिकाओं को शांत करना कर सकते है। जब एक व्यक्ति को उदास है, उस में इलायची डाल द्वारा बनाई गई चाय लगभग चमत्कारी प्रभाव हो सकता है।इलायची में एंटीआक्सीडेंट होता है। इसीलिए इससे रोगप्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है। साथ ही चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़ती व चेहरे की चमक भी बढ़ती है। इलायची डालने से एक कप चाय का गुण कई गुना बढ़ जाता है।

त्रिफला चूर्ण के फायदे ( Triphala Churna ke fayde )

त्रिफला चूर्ण के फायदे ( Triphala Churna ke fayde ) :

त्रिफला चूर्ण के फायदे ( Triphala Churna ke fayde ) : Triphala powder benefits, Triphala Churna ke fayde in hindi.

नेत्र-प्रक्षलन : एक चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को एक कटोरी पानी में भिगोकर रखें। सुबह कपड़े से छानकर उस पानी से आंखें धो लें। यह प्रयोग आंखों के लिए अत्यंत हितकर है। इससे आंखें स्वच्छ व दृष्टि सूक्ष्म होती है। आंखों की जलन, लालिमा आदि तकलीफें दूर होती हैं।

कुल्ला करना :

  • त्रिफला रात को पानी में भिगोकर रखें। सुबह मंजन करने के बाद यह पानी मुंह में भरकर रखें। थोड़ी देर बाद निकाल दें। इससे दांत व मसूड़े वृद्धावस्था तक मजबूत रहते हैं। इससे अरुचि, मुख की दुर्गंध व मुंह के छाले नष्ट होते हैं।
  • त्रिफला के गुनगुने काढ़े में शहद मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है। त्रिफला के काढ़े से घाव धोने से एलोपैथिक- एंटिसेप्टिक की आवश्यकता नहीं रहती। Triphala Churna ke fayde घाव जल्दी भर जाता है।
  • गाय का घी व शहद के मिश्रण (घी अधिक व शहद कम) के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन आंखों के लिए वरदान स्वरूप है।
  • संयमित आहार-विहार के साथ इसका नियमित प्रयोग करने से मोतियाबिंद, कांचबिंदु-दृष्टिदोष आदि नेत्र रोग होने की संभावना नहीं होती।
  • मूत्र संबंधी सभी विकारों व मधुमेह में यह फायदेमंद है। Triphala Churna ke fayde रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से कब्ज नहीं रहती है।
  • मात्रा : 2 से 4 ग्राम चूर्ण दोपहर को भोजन के बाद अथवा रात को गुनगुने पानी के साथ लें।
  • एक अध्ययन से पता चला है कि त्रिफला का सेवन रेडियोधर्मिता से भी बचाव करता है। Triphala Churna ke fayde प्रयोगों में देखा गया है कि त्रिफला की खुराकों से गामा किरणों के रेडिएशन के प्रभाव से होने वाली अस्वस्थता के लक्षण भी नहीं पाए जाते हैं। इसीलिए त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद का अनमोल उपहार कहा जाता है।

सावधानी : दुर्बल, कृश व्यक्ति तथा गर्भवती स्त्री को एवं नए बुखार में त्रिफला का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि दूध का सेवन करना हो तो दूध व त्रिफला के सेवन के बीच 2 घंटे का अंतर रखें।

हल्दी के फायदे ( Haldi ke fayde aur Labh )

हल्दी के फायदे ( Haldi ke fayde ) :

हल्दी के फायदे ( Haldi ke fayde aur Labh ) : Turmeric benefits, Haldi ke fayde aur Gun in hindi.

  • अगर कहीं पर चोट लगी हो या सूजन आ गई हो तो रसांजन के लेप मात्र से सूजन और दर्द में काफी लाभ मिलता है।
  • यदि आँखों में लालिमा का कारण अभिष्यंद ( कंजाक्तिविटिस) हो तो 250 मिलीग्राम रसांजन में 25 मिली गुलाबजल मिलाकर आँखों में एक बूंद टपका देने से लाभ मिलता है।
  • कान के दर्द या स्राव में भी इसे ड्राप के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
  • कहीं भी किसी प्रकार का घाव हो जाए तो रसांजन का लेप बड़ा ही फायदेमंद होता है Haldi ke fayde यह संक्रमण को खत्म करता है।
  • यदि गला खराब हो तो रसांजन के गरारे करने से बहुत लाभ मिलता है।
  • दारुहरिद्रा से का काढा यकृत (लीवर ) से सम्बंधित विकारों में भी लाभकारी होता है।
  • यदि रोगी सूखी खांसी से परेशान हो तो दारुहल्दी का चूर्ण भी बड़ा लाभकारी होता है।
  • श्वेतप्रदर (ल्युकोरिया) में दारुहरिद्रा या दारुहल्दी चूर्ण को पुष्यानुग चूर्ण के साथ सममात्रा में 2.5 से 5 ग्राम की मात्रा में लेना लाभकारी होता है।
  • बुखार में दारुहल्दी का काढ़ा लाभदायक होता है। Haldi ke fayde ऐसे ही अनेक गुणों से युक्त यह वनस्पति बाजार में मिलावट के कारण निष्प्रभावी हो सकती है लेकिन इसे पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है कि़ इसे जितना भी उबालें इसका पीलापन नहीं जाता है।

केसर के फायदे ( Saffron Kesar ke fayde )

केसर के फायदे ( Saffron Kesar ke fayde ) :

केसर के फायदे ( Kesar ke fayde ) : Saffron benefits, Kesar ke fayde aur labh in hindi.

  • पेट संबंधित बीमारियों के इलाज में केसर बहुत फायदेमंद है। बदहजमी, पेट-दर्द व पेट में मरोड़ आदि हाजमे से संबंधित शिकायतों में केसर का सेवन करने से फायदा होता है।
  • चन्दन को केसर के साथ घिसकर इसका लेप माथे पर लगाने से सिर, आंखों और दिमाग को शीतलता मिलती है। इस लेप को लगाने से दिमाग तेज होता है।
  • सिर दर्द को दूर करने के लिए केसर का उपयोग किया जा सकता है। सिर दर्द होने पर चंदन और केसर को मिलाकर सिर पर इसका लेप लगाने से सिर दर्द में राहत मिलती है।
  • नाक से खून बहने की समस्या के उपचार के लिए भी केसर बहुत फायदेमंद है। Kesar ke fayde नकसीर होने पर चंदन के साथ केसर को मिलाकर लेप लगाइए, नाक से खून बहना बंद हो जाएगा।
  • बच्चें को अगर सर्दी और जुकाम की समस्या हो तो केसर का दूध सुबह-शाम पिलाने से बच्चे की सर्दी और जुकाम में राहत मिलेगी।
  • बच्चें की सर्दी अगर समाप्त न हो रही हो तो बच्चे की नाक, माथे, छाती और पीठ पर केसर, जायफल और लौंग का लेप लगाने से फायदा होता है।
  • अतिसार में भी केसर बहुत फायदेमंद है। Kesar ke fayde अतिसार होने पर केसर को जायफल, आम की गुठली, सोंठ को पत्थर पर पानी के साथ घिसकर इसका लेप लगाने से फायदा होता है।
  • महिलाओं के लिए केसर बहुत फायदेमंद होता है। महिलाओं की कई शिकायतें जैसे – मासिक चक्र में अनियमिता, गर्भाशय की सूजन, मासिक चक्र के समय दर्द होने जैसी समस्याओं में केसर का सेवन करने से आराम मिलता है।
  • हिस्टीरिया जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में केसर का सेवन फायदेमंद होता है।
  • त्वचा के झुलसने या चोट लगने पर केसर के लेप लगाना चाहिए। Kesar ke fayde इससे तुरंत फायदा होता है और नई त्वचा का निर्माण जल्द होता है।केसर को दूध के साथ पीने से शारीरिक शक्ति बढती है।

मकोय के फायदे ( Makoy Ke fayde in Hindi )

मकोय के फायदे ( Makoy Ke fayde in Hindi ) :

मकोय के फायदे ( Makoy Ke fayde in Hindi ) : Makoy ke fayde aur Gun in hindi.

  • आजकल मकोय के फलों का मौसम चल रहा है।मौसमी फलों का सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • यह हर जगह अपने आप ही उग जाती है। सर्दियों में इसके नन्हे नन्हे लाल लाल फल बहुत अच्छे लगते हैं। ये फल बहुत स्वादिष्ट होते हैं और लाभदायक भी। इसके फल जामुनी रंग के या हलके पीले -लाल रंग के होते हैं।
  • मकोय के फल सवेरे सवेरे खाली पेट खाने से अपच की बीमारी ठीक होती है।
  • शहद मकोय के गुणों को सुरक्षित रख कर दोषों को दूर करता है।
  • यह वात , पित्त और कफ नाशक होता है।
  • यह सूजन और दर्द को दूर करता है।
  • शुगर की बीमारी हो या फिर कमजोरी हो तो मकोय के सूखे बीजों का पावडर एक एक चम्मच सवेरे शाम लें। किडनी की बीमारी हों तो 10-15 दिन लगातार इसकी सब्जी खाइए। Makoy Ke fayde इसके 10 ग्राम सूखे पंचांग का 200 ग्राम पानी में काढ़ा बनाकर पीयें।
  • बुढापे में हृदय गति कम हो जाए तो इसके 10 ग्राम पंचांग का काढ़ा पीयें। हृदय की किसी भी प्रकार की बीमारी के लिए 5 ग्राम मकोय का पंचांग और 5 ग्राम अर्जुन की छाल ; दोनों को मिलाकर 400 ग्राम पानी में पकाएँ। जब एक चौथाई रह जाए तो पी लें।
  • लीवर ठीक नहीं है, पेट खराब है , आँतों में infection है, spleen बढ़ी हुई है या फिर पेट में पानी भर गया है। सभी का इलाज है मकोय की सब्जी। Makoy Ke fayde रोज़ इसकी सब्जी खाएं या फिर इसके 10 ग्राम पंचांग का काढ़ा पीयें।
  • पीलिया होने पर इसके पत्तों का रस 2-4 चम्मच पानी मिलाकर ले लें।
  • अगर नींद न आये तो इसकी 10 ग्राम जड़ का काढ़ा लें। Makoy Ke fayde. अगर साथ में गुड भी मिला लें तो नींद तो अच्छी आयेगी ही साथ ही सवेरे पेट भी अच्छे से साफ़ होगा।
  • त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ भी इसके नित्य प्रयोग से ठीक होती हैं।
  • यह सर्दी -खांसी , श्वास के रोग , हिचकी आदि को ठीक करता है।

आकडा के फायदे ( Aak plant ke fayde )

आकडा के फायदे ( Aak plant ke fayde ) :

आकडा के फायदे ( Aak plant ke fayde ) : Aak ke fayde, Aak plant benefits, Aak plant ke fayde in hindi.

  1. इसे हम शिवजी को चढाते है, अर्थात ये ज़हरीला होता है। इसलिए इसे निश्चित मात्रा में वैद्य की देख रेख में लेना चाहिए .पर कुछ आसान प्रयोग आप कर सकते है।
  2. अगर किसी को चलती गाडी में उलटी आती हो ( motion sickness ) तो यात्रा पर निकलते समय जो स्वर चल रहा हो अर्थात जिस तरफ की श्वास ज़्यादा चल रही हो उस पैर के नीचे आक के पत्ते रखे। यात्रा के दौरान कोई तकलीफ नहीं होगी।
  3. आक के पीले पड़े पत्तों को घी में गर्म कर उसका रस कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है ।
  4. आक का दूध कभी भी सीधे आँखों पर नहीं लगाना चाहिए। Aak plant ke fayde अगर दाई आँख दुःख रही हो तो बाए पैर के नाख़ून और बाई आँख दुःख रही हो तो दाए पैर के नाखूनों को आक के दूध से तर कर दे।
  5. रुई को आक के दूध और थोड़े से घी में भिगोकर दांत में रखने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है।
  6. हिलते हुए दांत पर आक का दूध लगाकर आसानी से निकाला जा सकता है।
  7. पीले पड़े आक के पत्तों के रस का नस्य लेने से आधा शीशी में लाभ होता है।
  8. आक की कोपल को सुबह खाली पेट पान के पत्ते में रख चबा कर खाने से ३ से 5 दिनों में पीलिया ठीक हो जाता है।
  9. सफ़ेद आक की छाया में सुखी जड़ को पीस कर १-२ ग्राम की मात्रा गाय के दूध के साथ लेने से बाँझपन ठीक होता है। Aak plant ke fayde बंद ट्यूब और नाड़ियाँ खुल जाती है। मासिक धर्म गर्भाशय की गांठों में लाभ होता है।
  10. पैरों के छाले इसका दूध लगाने से ठीक हो जाते है।
  11. गठिया में आक के पत्तों को घी लगा कर तवे पर गर्म कर सेकें।
  12. आक की रुई को वस्त्रों में भर , रजाई तकिये में इस्तेमाल करने से वात रोगों में लाभ मिलता है।
  13. कोई घाव अगर भर ना रहा हो तो आक की रुई उसमे भर दे और रोज़ बदल दे।
  14. आक के दूध में सामान मात्रा में शहद मिला कर लगाने से दाद में लाभ होता है। Aak plant ke fayde आक की जड़ के चूर्ण को दही में मिलाकर लगाना भी दाद में लाभकारी होता है।
  15. आक के पुष्प तोड़ने पर जो दूध निकलता है उसे नारियल तेल में मिलाकर लगाने से खाज दूर होती है। Aak plant ke fayde इसके दूध को कडवे तेल में मिलाकर लगाने से भी लाभ होता है।
  16. इसके पत्तों को सुखाकर उसकी पावडर जख्मों पर बुरकने से दूषित मांस दूर हो कर स्वस्थ मांस पैदा होता है।
  17. आक की मिटटी की टिकिया कीड़े पड़े हुए जख्मों पर बाँधने से कीड़े टिकिया पर आ कर मर जाते है और जख्म धीरे धीरे ठीक हो जाता है।
  18. आक के दूध के शहद के साथ सेवन करने से कुष्ठ रोग थी होता है, Aak plant ke fayde आक के पुष्पों का चूर्ण भी इसमें लाभकारी है। पेट में दर्द होने पर आक के पत्तों पर घी लगा कर गर्म कर सेके।
  19. स्थावर विष पर २-३ ग्राम आक की जड़ को घिस कर दिन में ३-४ बार पिलाए। Aak plant ke fayde आक की लकड़ी का 6 ग्राम कोयला मिश्री के साथ लेने से शारीर में जमा पारा भी पेशाब के रास्ते निकल जाता है।
  20. आक और भी कई रोगों का इलाज करता है पर ये योग वैद्य की सलाह से ही लेने चाहिए।
  21. इसके अर्क प्रयोग से होने वाले हानिकारक प्रभाव को कम करने के लिए दूध और घी का प्रयोग करें।

मुलेठी के फायदे ( Liquorice Mulethi Ke Fayde )

मुलेठी के फायदे ( Liquorice Mulethi Ke Fayde ) :

मुलेठी के फायदे ( Mulethi Ke Fayde ) : Liquorice Benefits, Mulethi Ke Fayade, Mulethi ke ayurvedic Fayde.

  • मुलेठी को काली-मिर्च के साथ खाने से कफ ढीला होता है। सूखी खांसी आने पर मुलेठी खाने से फायदा होता है। इससे खांसी तथा गले की सूजन ठीक होती है।
  • अगर मुंह सूख रहा हो तो मुलेठी बहुत फायदा करती है।
  • इसमें पानी की मात्रा 50 प्रतिशत तक होती है। मुंह सूखने पर बार-बार इसे चूसें। इससे प्‍यास शांत होगी।
  • गले में खराश के लिए भी मुलेठी का प्रयोग किया जाता है। मुलेठी अच्‍छे स्‍वर के लिए भी प्रयोग की जाती है।
  • मुलेठी महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। मुलेठी का एक ग्राम चूर्ण नियमित सेवन करने से स्त्रियां, अपनी, योनि, सेक्‍स की भावना, सुंदरता को लंबे समय तक बनाये रख सकती हैं।
  • मुलेठी की जड़ पेट के घावों को समाप्‍त करती है, इससे पेट के घाव जल्‍दी भर जाते हैं। पेट के घाव होने पर मुलेठी की जड़ का चूर्ण इस्‍तेमाल करना चाहिए। (Liquorice Mulethi Ke Fayde).
  • मुलेठी पेट के अल्‍सर के लिए फायदेमंद है। इससे न केवल गैस्ट्रिक अल्सर वरन छोटी आंत के प्रारम्भिक भाग ड्यूओडनल अल्सर में भी पूरी तरह से फायदा करती है। जब मुलेठी का चूर्ण ड्यूओडनल अल्सर के अपच, हाइपर एसिडिटी आदि पर लाभदायक प्रभाव डालता है। साथ ही अल्सर के घावों को भी तेजी से भरता है।
  • खून की उल्टियां होने पर दूध के साथ मुलेठी का चूर्ण लेने से फायदा होता है। खूनी उल्‍टी होने पर मधु के साथ भी इसे लिया जा सकता है।
  • हिचकी होने पर मुलेठी के चूर्ण को शहद में मिलाकर नाक में टपकाने तथा पांच ग्राम चूर्ण को पानी के साथ खिला देने से लाभ होता है। (Mulethi Ke Fayde in Hindi).
  • मुलेठी आंतों की टीबी के लिए भी फायदेमंद है।

नीम के फायदे ( Neem Ke Fayde in Hindi )

नीम के फायदे ( Neem Ke Fayde ) :

नीम के फायदे ( Neem Ke Fayde in Hindi ) : Neem ke Benefits, Neem ke Upyog, Neem ke patte ke labh, Neem ke Gun aur Labh in Hindi.

नीम के पेड़ पूरे दक्षिण एशिया में फैले हैं और हमारे जीवन से जुड़े हुए हैं। नीम एक बहुत ही अच्छी वनस्पति है जो कि भारतीय पर्यावरण के अनुकूल है और भारत में बहुतायत में पाया जाता है। भारत में इसके औषधीय गुणों की जानकारी हज़ारों सालों से रही है। भारत में एक कहावत प्रचलित है कि जिस धरती पर नीम के पेड़ होते हैं, वहाँ मृत्यु और बीमारी कैसे हो सकती है। लेकिन, अब अन्य देश भी इसके गुणों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। नीम हमारे लिए अति विशिष्ट व पूजनीय वृक्ष है। नीम को संस्कृत में निम्ब, वनस्पति विज्ञान में ‘आज़ादिरेक्ता- इण्डिका (Azadirecta-indica) अथवा Melia azadirachta कहते है।

नीम के गुण (Neem ke Gun) :

  • यह वृक्ष अपने औषधि गुण के कारण पारंपरिक इलाज में बहुपयोगी सिद्ध होता आ रहा है। नीम स्वाभाव से कड़वा जरुर होता है, परन्तु इसके औषधीय गुण बड़े ही मीठे होते है। तभी तो नीम के बारे में कहा जाता है की एक नीम और सौ हकीम दोनों बराबर है। इसमें कई तरह के कड़वे परन्तु स्वास्थ्यवर्धक पदार्थ होते है, जिनमे मार्गोसिं, निम्बिडीन, निम्बेस्टेरोल प्रमुख है। नीम के सर्वरोगहारी गुणों से भरा पड़ा है। यह हर्बल ओरगेनिक पेस्टिसाइड साबुन, एंटीसेप्टिक क्रीम, दातुन, मधुमेह नाशक चूर्ण, कोस्मेटिक आदि के रूप में प्रयोग किया जाता है। नीम की छाल में ऐसे गुण होते हैं, जो दाँतों और मसूढ़ों में लगने वाले तरह-तरह के बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते हैं, जिससे दाँत स्वस्थ व मज़बूत रहते हैं।
  • चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। इसे ग्रामीण औषधालय का नाम भी दिया गया है। यह पेड़ बीमारियों वगैरह से आज़ाद होता है और उस पर कोई कीड़ा-मकौड़ा नहीं लगता, इसलिए नीम को आज़ाद पेड़ कहा जाता है। भारत में नीम का पेड़ ग्रामीण जीवन का अभिन्न अंग रहा है। लोग इसकी छाया में बैठने का सुख तो उठाते ही हैं, साथ ही इसके पत्तों, निबौलियों, डंडियों और छाल को विभिन्न बीमारियाँ दूर करने के लिए प्रयोग करते हैं। ग्रन्थ में नीम के गुण के बारे में चर्चा इस तरह है :-निम्ब शीतों लघुग्राही कतुर कोअग्नी वातनुत।अध्यः श्रमतुटकास ज्वरारुचिक्रिमी प्रणतु ॥अर्थात :  नीम शीतल, हल्का, ग्राही पाक में चरपरा, हृदय को प्रिय, अग्नि, वाट, परिश्रम, तृषा, अरुचि, क्रीमी, व्रण, कफ, वामन, कोढ़ और विभिन्न प्रमेह को नष्ट करता है।

नीम के घरेलू उपयोग (Neem Ke Fayde) :

  1. नीम के तेल से मालिश करने से विभिन्न प्रकार के चर्म रोग ठीक हो जाते हैं।
  2. नीम के तेल का दिया जलाने से मच्छर भाग जाते है और डेंगू , मलेरिया जैसे रोगों से बचाव होता है
  3. नीम की दातुन करने से दांत व मसूढे मज़बूत होते है और दांतों में कीडा नहीं लगता है, तथा मुंह से दुर्गंध आना बंद हो जाता है।
  4. इसमें दोगुना पिसा सेंधा नमक मिलाकर मंजन करने से पायरिया, दांत-दाढ़ का दर्द आदि दूर हो जाता है।
  5. नीम की कोपलों को पानी में उबालकर कुल्ले करने से दाँतों का दर्द जाता रहता है।
  6. नीम की पत्तियां चबाने से रक्त शोधन होता है और त्वचा विकार रहित और चमकदार होती है।
  7. नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर और पानी ठंडा करके उस पानी से नहाने से चर्म विकार दूर होते हैं, और ये ख़ासतौर से चेचक के उपचार में सहायक है और उसके विषाणु को फैलने न देने में सहायक है।
  8. चेचक होने पर रोगी को नीम की पत्तियों बिछाकर उस पर लिटाएं। (Neem Ke Fayde).
  9. नीम की छाल के काढे में धनिया और सौंठ का चूर्ण मिलाकर पीने से मलेरिया रोग में जल्दी लाभ होता है।
  10. नीम मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों को दूर रखने में अत्यन्त सहायक है। जिस वातावरण में नीम के पेड़ रहते हैं, वहाँ मलेरिया नहीं फैलता है। नीम के पत्ते जलाकर रात को धुआं करने से मच्छर नष्ट हो जाते हैं और विषम ज्वर (मलेरिया) से बचाव होता है। (Neem Ke Fayde).
  11. नीम के फल (छोटा सा) और उसकी पत्तियों से निकाले गये तेल से मालिश की जाये तो शरीर के लिये अच्छा रहता है।
  12. नीम के द्वारा बनाया गया लेप वालों में लगाने से बाल स्वस्थ रहते हैं और कम झड़ते हैं।
  13. नीम और बेर के पत्तों को पानी में उबालें, ठंण्डा होने पर इससे बाल, धोयें स्नान करें कुछ दिनों तक प्रयोग करने से बाल झडने बन्द हो जायेगें व बाल काले व मज़बूत रहेंगें। (Neem Ke Fayde).
  14. नीम की पत्तियों के रस को आंखों में डालने से आंख आने की बीमारी (कंजेक्टिवाइटिस) समाप्त हो जाती है।
  15. नीम की पत्तियों के रस और शहद को 2:1 के अनुपात में पीने से पीलिया में फ़ायदा होता है, और इसको कान में डालने कान के विकारों में भी फ़ायदा होता  है।
  16. नीम के तेल की 5-10 बूंदों को सोते समय दूध में डालकर पीने से ज़्यादा पसीना आने और जलन होने सम्बन्धी विकारों में बहुत फ़ायदा होता है।
  17. नीम के बीजों के चूर्ण को ख़ाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से बवासीर में काफ़ी फ़ायदा होता है।
  18. नीम की निम्बोली का चूर्ण बनाकर एक-दो ग्राम रात को गुनगुने पानी से लें कुछ दिनों तक नियमित प्रयोग करने से कब्ज रोग नहीं होता है एवं आंतें  मज़बूत बनती है। (Neem Ke Fayde).
  19. गर्मियों में लू लग जाने पर नीम के बारीक पंचांग (फूल, फल, पत्तियां, छाल एवं जड) चूर्ण को पानी मे मिलाकर पीने से लू का प्रभाव शांत हो जाता है।
  20. बिच्छू के काटने पर नीम के पत्ते मसल कर काटे गये स्थान पर लगाने से जलन नहीं होती है और ज़हर का असर कम हो जाता है।
  21. नीम के 25 ग्राम तेल में थोडा सा कपूर मिलाकर रखें यह तेल फोडा-फुंसी, घाव आदि में उपयोग रहता है।
  22. गठिया की सूजन पर नीम के तेल की मालिश करें। (Neem Ke Fayde).
  23. नीम के पत्ते कीढ़े मारते हैं, इसलिये पत्तों को अनाज, कपड़ों में रखते हैं।
  24. नीम की 20 पत्तियाँ पीसकर एक कप पानी में मिलाकर पिलाने से हैजा़ ठीक हो जाता है।
  25. निबोरी नीम का फल होता है, इससे तेल निकला जाता है। आग से जले घाव में इसका तेल लगाने से घाव बहुत जल्दी भर जाता है। (Neem Ke Fayde).
  26. नीम का फूल तथा निबोरियाँ खाने से पेट के रोग नहीं होते।
  27. नीम की जड़ को पानी में उबालकर पीने से बुखार दूर हो जाता है।
  28. छाल को जलाकर उसकी राख में तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर लगाने से दाग़ तथा अन्य चर्म रोग ठीक होते हैं।
  29. विदेशों में नीम को एक ऐसे पेड़ के रूप में पेश किया जा रहा है, जो मधुमेह से लेकर एड्स, कैंसर और न जाने किस-किस तरह की बीमारियों का इलाज कर सकता है।
  30. नीम के उपयोग से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है, आप सभी से निवेदन है कि आप नीम जैसी औषधि का अपने घर में जरूर प्रयोग करे और देश के विकास में सहयोग दे और स्वस्थ भारत और प्रगतिशील भारत का निर्माण करे और अपने धन को विदेशी कम्पनियों के पास जाने से रोके। (Neem Ke Fayde).
  31. नीम का प्रयोग घाव, दाद, रक्तशोधन में लाभकारी होता है। इसकी पत्तियों का रस भी बहुत गुणकारी माना जाता है। नीम जूस शरीर की रंगत निखारने में असरदार है।
  32. नीम की पत्तियों के रस और शहद को 2:1 के अनुपात में पीने से पीलिया में फायदा होता है, और इसको कान में डालने से कान के विकारों में भी फायदा होता है। इसके अलावा नीम जूस मधुमेह रोगियों के लिये भी फायदेमंद है। अगर आप रोजाना नीम जूस पीएंगे तो आपका ब्लड़ शुगर लेवल बिल्कुल कंट्रोल में हो जाएगा। (Neem Ke Fayde).
  33. नीम जूस पीने से, शरीर की गंदगी निकल जाती है। जिससे बालों की क्वालिटी, त्वचा और डायजेशन अच्छा हो जाता है।नीम के रस का फायदा मलेरिया रोग में किया जाता है। नीम वाइरस के विकास को रोकता है और लीवर की कार्यक्षमता को मजबूत करता है।
  34. प्रेगनेंसी के दौरान नीम का रस योनि के दर्द को कम करता है। कई प्रेगनेंट औरते लेबर पेन से मुक्ती पाने के लिये नीम के रस से मसाज करती हैं। गर्भाशय और उसके आस-पास के अंगों का सूजन उतर जाता है, भूख लगती है, दस्त साफ होता है, ज्वर नहीं आता, यदि आता भी है तो उसका वेग अधिक नहीं होता। (Neem Ke Fayde).
  35. नीम के रस की दो बूंदे आंखो में डालने से आंखो की रौशनी बढ़ती है और अगर कन्जंगक्टवाइटिस हो गया है, तो वह भी जल्द ठीक हो जाता है।
  36. यह बुरे कैलेस्ट्रोल को कम या नष्ट करता है। नीम का महीने में 10 दिन तक सेवन करते रहने से हार्ट अटैक की बीमारी दूर हो सकती है।
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