Category: सन्तान प्राप्ति के उपाय

सुन्दर बच्चे के घरेलू उपाय ( Sundar Bachche Ke Gharelu Upay )

सुन्दर बच्चे के घरेलू उपाय ( Sundar Bachche Ke Gharelu Upay ) :

सुन्दर बच्चे के घरेलू उपाय ( Sundar Bachche Ke Gharelu Upay in Hindi) :

Sundar Bachche Ke Gharelu Upay

  1. रसीले संतरों का रोज सेवन करने से नवजात शिशु उजला एवं सुन्दर होता है।
  2. कच्चे नारियल की छोटी-छोटी गिरीयाँ मिश्री के साथ चबा-चबा कर खाने से भी बच्चा सुन्दर और चमकदार होगा।
  3. सौंफ, सुआ तथा तिल को अलग-अलग सेंक कर मिलाकर रख लें। यह मिश्रण मुखशुद्धि यानी माउथफ्रेशनर की तरह गर्भवती महिला दिन में चार बार इस्तेमाल करें तो शिशु गोराचिट्टा होगा।
  4. काले और ताजे अंगूरों का रस एक गिलास नियमित सेवन करने से गर्भस्थ शिशु का रक्त शुद्ध होगा तथा जन्म के बाद उसकी त्वचा निखरी-निखरी रहेगी।
  5. गर्भावस्था के दौरान अनार का जूस पीने से खून की कमी नही होती हैं और बच्चे का रंग भी निखरता हैं।
  6. गर्भावस्था के दौरान केसर और बादाम का दूध पीने से भी बच्चे का रंग निखरता हैं. केसर बच्चे के रंग और स्वास्थ्य के लिए अच्छा हैं।

संतान प्राप्ति के लिए उपाय ( Santan Prapti Ke Upay )

संतान प्राप्ति के लिए उपाय ( Santan Prapti Ke Upay ) :

संतान प्राप्ति के लिए उपाय ( Santan Prapti Ke Upay ) :

अपनी संतान सभी को अच्छी लगती हैं और सभी चाहते हैं की उनको एक योग्य और सुन्दर संतान हो, तो आज हम आपको Santan Prapti Ke Mantra totke aur Santan Prapti Ke Upay संतान प्राप्ति के कुछ उपाय बता रहे हैं..

Santan Prapti Ke Upay

  1. यदि किसी दम्पति को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है तो वह स्त्री शुक्ल पक्ष में अभिमंत्रित संतान गोपाल यंत्र को अपने घर में स्थापित करके लगातार 16 गुरुवार को ब्रत रखकर केले और पीपल के वृक्ष की सेवा करें उनमे दूध चीनी मिश्रित जल चड़ाकर धुप अगरबत्ती जलाये फिर मासिक धर्म से ठीक तेहरवीं रात्रि में अपने पति से रमण करें संतान सुख अति शीघ्र प्राप्त होगा।
  2. पति पत्नी गुरुवार का ब्रत रखें या इस दिन पीले वस्त्र पहने , पीली वस्तुओं का दान करें यथासंभव पीला भोजन ही करें …..अति शीघ्र योग्य संतान की प्राप्ति (Santan Prapti Ke Upay) होगी।
  3. संतान सुख के लिए स्त्री गेंहू के आटे की 2 मोटी लोई बनाकर उसमें भीगी चने की दाल और थोड़ी सी हल्दी मिलाकर नियमपूर्वक गाय को खिलाएं …शीघ्र ही उसकी गोद भर जाएगी।
  4. शुक्ल पक्ष में बरगद के पत्ते को धोकर साफ करके उस पर कुंकुम से स्वस्तिक बनाकर उस पर थोड़े से चावल और एक सुपारी रखकर सूर्यास्त से पहले किसी मंदिर में अर्पित कर दें और प्रभु से संतान का वरदान देने के लिए प्रार्थना करें …निश्चय ही संतान की प्राप्ति होगी।
  5. किसी भी गुरुवार को पीले धागे में पीली कौड़ी को कमर में बांधने से संतान प्राप्ति का प्रबल योग बनता है।
  6. संतान प्राप्ति के लिए स्त्री पारद शिवलिंग का नियम से दूध से अभिषेक करें …उत्तम संतान की प्राप्ति होगी।
  7. हर गुरुवार को भिखारियों को गुड का दान देने से भी संतान सुख (Santan Prapti Ke Upay) प्राप्त होता है।
  8. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में आम की जड़ को लाकर उसे दूध में घिसकर पिलाने से स्त्री को अवश्य ही संतान की प्राप्ति होती है यह अत्यंत ही सिद्ध / परीक्षित प्रयोग है।
  9. रविवार को छोड़कर अन्य सभी दिन निसंतान स्त्री यदि पीपल पर दीपक जलाये और उसकी परिक्रमा करते हुए संतान की प्रार्थना करें उसकी इच्छा अति शीघ्र पूरी होगी।
  10. श्वेत लक्ष्मणा बूटी की 21 गोली बनाकर उसे नियमपूर्वक गाय के दूध के साथ लेने से संतान सुख की अवश्य ही प्राप्ति होती है।

संतान प्राप्ति के लिए उपाय ( Santan Prapti Ke Upay in Hindi ) :

  • यदि पति व पत्नी, दोनों की कुण्डलियों में पूर्ण संतानहीनता की स्थिति हो तो उन्हें संतान बाधा मुक्ति के लिए निम्न उपाय अविलंब आरंभ करना चाहिए। इसका परिणाम हमेशा सुखद रहा है

मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः
जप विधि: तुलसी की माला से प्रतिदिन 5 माला प्रातः काल जप करना श्रेयस्कर रहेगा।
भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर के सामने बैठकर कातर भाव से जप करने के पश्चात लड्डू का भोग (प्रसाद) अवश्य चढ़ाएं।

  • पुत्रेष्टि यज्ञ: यह एक विशद यज्ञ विधान है, जिसे आचार्यों की सहायता के बिना करना संभव नहीं। इस महान यज्ञ का अनुष्ठान संतानहीनता की स्थिति से मुक्त कर देता है। वस्तुतः यह याज्ञिक विधान वैदिक रीति से संपन्न किया जाता है जिसमें भारी व्यय होता है। इसलिए आम आदमी को ये सलाह दी जाती है कि वह इस यज्ञ के स्थान पर गोपाल संतान मंत्र व यंत्र की सहायता ले ताकि बिना किसी व्यय के उसका कार्य पूर्ण हो जाए।
  • बाधक ग्रहों की क्रूर व पापी ग्रहों की किरण रश्मियों को पंचम भाव, पंचमेश तथा संतान कारक गुरु से हटाने के लिए रत्नों का विकल्प बेहद प्रभावी रहता है। इस बात को समझने के लिए विशेषज्ञ आचार्य की अनिवार्यता होती है ताकि वह निर्धारित कर सके कि किन ग्रहों के कारण संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है तथा किन ग्रहों की किरण रश्मियों को प्रतिकर्षित करने के लिए कैसे रत्नों का प्रयोग किया जाए।
  • संतानहीनता के लिए नवमांश की स्थिति की समीक्षा किया जाना बेहद आवश्यक है। यदि नवमांश चक्र में भी पूर्णरूपेण संतानहीनता की स्थिति बन रही है तो ऐसे में उपरोक्त वर्णित प्रथम उपाय के साथ तृतीय उपाय एक साथ करना लाभकारी होता है। Santan Prapti Ke Upay.
  • ध्यान रहे कि इन सभी प्रयोगों का फल पूर्ण निष्ठा से करने पर ही प्राप्त होता है। जिनके मन में इन उपायों को करते रहने के दौरान संशय व्याप्त रहता है, उन्हें इसका फल अपेक्षानुसार नहीं प्राप्त हो पाता है।    
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