बवासीर के उपाय ( Bawaseer Ka Upay aur Bawasir ke Masse ka ilaj )

बवासीर (Piles) हो जाने पर बहुत ही ज्यादा तकलीफ होती है, और यह बढ़ती ही जाती है, इसका समय रहते इलाज करवाना जरुरी हैं। इसमें व्यक्ति को बैठने में परेसानी होती है। बवासीर दो प्रकार की होती है। बाहर की बवासीर और अंदर की बवासीर।

अंदर की Bawaseer में मस्से गुदा के अंदर होते है, जो दिखाई नही देते है। जब व्यक्ति मल त्यागता है तो इनसे खून निकलता है, जिससे काफी तकलीफ होती है, इसे खुनी बवासीर भी कहते है। बाहर बलि बवासीर में मस्से गुदा से बाहर के तरफ या आसपास दिखाई देते है, जो मोटे हो जाते है और इनमे खुजली व जलन होने से खून भी निकल सुरु हो जाता है।

बाहरी बवासीर का इलाज जल्दी होता है जबकि अंदर की बवासीर के इलाज में थोड़ा समय लग जाता है। यदि आपके बवासीर ज्यादा है तो आप तुरत अच्छे डॉक्टर को दिखाए, लेकिन यदि कम है तो घरेलु उपाय की सहायता से आप इसे ठीक कर सकते है। तो सबसे पहले हम आपको बवासीर के होने के कुछ कारन बता देते है, बीमारी से बचाव ही उसका सबसे बड़ा इलाज होता है।

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बवासीर के कारण ( Bawasir ke karan) :

  • एक ही स्थान पर अधिक समय तक बैठे रहना। जैसे- ऑफिस की कुर्सी या कार की सीट पर।
  • तला हुवा या मिर्च-मसालेदार भोजन का ज्यादा सेवन करना।
  • धूम्रपान या शराब का सेवन करना।
  • पानी का कम सेवन करना, जिसके कारण कब्ज रहती है, और कब्ज बवासीर को जन्म से सकती है।
  • तनाव में रहना या अपनी नींद पूरी नही करना। इत्यादि कारण हो सकते है।
  • अधिक उपवास नही करे, उपवास में आलू का इस्तेमाल न ही करे तो अच्छा है।

बवासीर के उपाय ( Bawaseer Ka Upay ) :

  • एक पके केले को बीच से चीरकर उसके दो टुकडे कर लें फिर उस पर कत्था पीसकर छिडक दें, इसके बाद उस केले को खुले आसमान के नीचे शाम को रख दें,सुबह को उस केले को शौच करने के बाद खालें। एक हफ़्ते तक लगातार इसको करने के बाद भयंकर से भयंकर बवासीर भी समाप्त हो जाती है।
  • Khuni bawaseer में एक नींबू को बीच में से काटकर उसमें लगभग 4-5 ग्राम कत्‍था पीसकर डाल दीजिए। इन दोनों टुकड़ों को रात में छत पर खुला रख दीजिए। सुबह उठकर नित्य क्रिया से निवृत होने के बाद इन दोनों टुकड़ों को चूस लीजिए। पांच दिन तक इस प्रयोग को कीजिए। बहुत फायदा होता है।
  • करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा सा सेंधा नमक जरुर मिला दें। पूरे दिन पानी की जगह यह मट्ठा ही पियें। चार-पाँच दिन तक यह प्रयोग करें, मस्से काफी ठीक हो जायेंगे।
  • छोटी पिप्पली को पीस कर उसका चूर्ण बना ले, इसे शहद के साथ लेने से भी आराम मिलता है|
  • नीम के छिलके सहित निंबौरी के पावडर को प्रतिदिन 10 ग्राम मात्रा में रोज सुबह बासी पानी के साथ सेवन करें, लाभ होगा। लेकिन इसके साथ आहार में घी का सेवन आवश्यक है। *जीरे को पीसकर मस्‍सों पर लगाने से भी फायदा मिलता है, साथ ही जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से भी फायदा मिलता है। (Bawaseer Ka Upay).

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  • बवासीर की समस्‍या होने पर आंवले के चूर्ण को सुबह-शाम शहद के साथ लेने से भी जल्दी ही फायदा होता है।
  • एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह शाम शहद के साथ लेने से भी बवासीर में लाभ प्राप्त होता है।
  • नीम का तेल मस्सों पर लगाने से और 4- 5 बूँद रोज़ पीने से बवासीर में बहुत लाभ होता है। (Bawaseer Ka Upay).
  • एक चाय का चम्मच धुले हुए काले तिल ताजा मक्खन के साथ लेने से भी बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।
  • 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। प्रतिदिन सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।
  • नियमित रुप से गुड के साथ हरड खाने से भी बवासीर में जल्दी ही फ़ायदा होता है।
  • नागकेशर, मिश्री और ताजा मक्खन इन तीनो को रोजाना बराबर मिलाकर 10 दिन खाने से bawaseer में बहुत आराम मिलता है।
  • जमीकंद को देसी घी में बिना मसाले के भुरता बनाकर खाएँ शीघ्र ही लाभ मिलेगा।
  • सुबह खाली पेट मूली का नियमित सेवन भी बवासीर को खत्म कर देता है।
  • बवासीर की समस्या होने पर तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। जैसे- नारियल पानी, लस्सी, सुप, छाछ, गाजर या अंगूर का जूस इत्यादि। इससे कब्ज की समस्या नही रहती है, और Bawaseer दूर रहती है।
  • खूनी बवासीर (अल्सरेटीव कोलाइस) में तुलसी के बीज उपयोगी हैं। 10 से 20 ग्राम बीज कूटकर रात को मिट्टी के बर्तन में छः गुने पानी में भिगोयें. सुबह उसमें जीरा  शक्कर मिलाकर उस पानी को पीने से दस्त में गिरता खून बंद होता है। फीके दही के साथ तुलसी के बीज का चूर्ण लेने से भी मल के साथ जाता रक्त बंद होता है।

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  • Khuni Bawasir में दही और लस्सी के साथ प्याज का सेवन करना लाभदायक होता है। इसके अलावा छाछ में जीरा मिलकर पीने से भी फायदा होता है।
  • गाजर के रस में पालक और चुकंदर का रस मिलाकर पीने से बवासीर में फायदा होता है। इसके अलावा आप निम्बू के रस में अदरक, पुदीना और शहद मिलकर सेवन करने से भी लाभ होता हैं।
  • एक गिलाश दूध उबाल कर उसमे एक पका हुवा केला डालकर मसल ले, इसे कुछ दिनों तक पिए, आपको बवासीर में आराम मिलेगा।
  • लोकी के पत्तो को पीसकर उसे के bawasir मस्सो पर लगाये, जल्दी ही फायदा मिलने लगेगा।
  • मेहँदी के पत्तो को जल में पीस कर इसे बवासीर के मस्सो पर लगाने से भी लाभ होता है।
  • कुछ दिनों तक पपीते का दूध बवासीर के मस्सो पर लगाये, वे धीरे-धीरे सुख जायेगे। चुकंदर का रस पीने से भी फायदा मिलता है।
Updated: February 1, 2018 — 6:53 pm

1 Comment

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  1. Mere ling me kuch aisi samsya h dilapan patlapan mardana kamjori h

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