छाछ (लस्सी) पीने के 10 फायदे ( Chach aur Lassi Pine ke fayde )

गर्मियों में छाछ (लस्सी) के बिना खाने का स्वाद ही नहीं आता हैं। खाने के साथ एक गिलास छाछ का मिल जाये तो खाना खाने का मजा आ जाता हैं। छाछ पचने में हलकी और शीतल होती हैं। छाछ पेट के भारीपन, आफरा, अपच, भूख न लगना, पेट की जलन और कफनाशक वातनाशक होती हैं। छाछ से पेट का भारीपन, आफरा, मूत्ररोग, रक्तविकार, भूख न लगना, लू, अतिसार, गर्मी, अपच व पेट की जलन की शिकायत दूर होती है। ताजा दही से बनी हुई छाछ ज्यादा फायदेमंद होती हैं। बाजार में मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक की जगह आप छाछ पिए. यह बाजार में आसानी से मिल जाती है और स्वादिष्ट और सेहतमंद होती हैं। आज हम आपको Chach aur Lassi Pine ke fayde के बारे में बताते हैं।

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छाछ (लस्सी) पीने के 10 फायदे ( Chach aur Lassi Pine ke fayde ) :

  1. बवासीर में फायदेमंद : छाछ में थोड़ा सा काला नमक और पीसी हुई अजवाइन डालकर पीने से बवासीर रोग में फायदा होता हैं। लस्सी में थोड़ा नमक और जीरा मिलकर पीने से भी बवासीर रोग में फायदा होता हैं। छाछ में सौंठ या पीपल या प्याज का साग मिलाकर लेने से भी लाभ होता हैं, नियमित रूप से एक गिलाश ताजी छाछ रोज पिए।
  2. शारीरिक शक्ति : छाछ का सेवन ओषधि के समान हैं, रोजाना नाश्ते और भोजन के बाद छाछ पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है। छाछ के सेवन से अनेक शारीरक दोष दूर होते हैं और शरीर में तंदुरुस्ती और ताजगी आती हैं।
  3. मोटापा कम करे : छाछ पीने में हलकी और जल्दी पचने वाली होती हैं, छाछ के नियमित सेवन से मोटापा कम हो जाता हैं। लस्सी में फैट बहुत कम होता हैं। इसमें हेल्‍दी बैक्‍टीरिया और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं.
  4. नशे को कम करे : यदि आपको भांग या शराब का नशा ज्यादा हो गया हैं. तो एक गिलाश छाछ में नमक और जीरा डालकर ले, भांग का नशा कम हो जायेगा।
  5. पाचन शक्ति बढाये : खाने के साथ एक गिलाश छाछ का रोज सेवन करने से हमारे शरीर के पाचन शक्ति बढ़ती हैं। छाछ के नियमित सेवन से भूख न लगना, अपच और आंतो की सफाई होती हैं। आप छाछ में काला नमक और भुना हुवा जीरा डालकर सेवन करना ज्यादा फायदेमंद होता हैं।
  6. कब्ज से राहत : छाछ के नियमित सेवन से पेट की गैस और कब्ज से राहत मिलती हैं। छाछ में थोड़ा काला नमक और अजवाइन मिलकर पीने से कब्ज दूर हो जाती हैं। छाछ में जीरे और चीनी को मिलकर पीने से अतिसार या दस्त बंद हो जाता हैं। एक गिलाश छाछ में एक चम्मच शहद मिलकर पीने से दस्त बंद हो जाते हैं. छाछ पीने से पेट सम्बन्धी सभी बीमारियों में फायदा होता हैं। लस्सी पीने से एसिडिटी की समस्या नहीं होती हैं.
  7. मूत्ररोग और पथरी : छाछ के साथ पूरा गुड़ खाने से मूत्ररोग और जलन में फायदा होता हैं। भटकटैया का रस छाछ के साथ पीने से पेशाब के साथ आने वाला धातु बंद हो जाती है। गाय के दूध की छाछ में 10 ग्राम जवाखार मिलाकर पीने से पथरी बाहर निकल जाती है। छाछ के सेवन से शरीर के हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं।
  8. भूख बढाये : गर्मियों के दिनों में भूख नहीं लगने की समस्या हो जाती है. तब छाछ में सेंधानमक, कालीमिर्च और चित्रक की जड़ को पीसकर पीने से भूख न लगने की समस्या से छुटकारा मिलता हैं। गर्मियों में रोज एक गिलाश ताजी छाछ का सेवन करना चाहिए।
  9. लू से बचाव : गर्मियों में छाछ में नमक और जीरा डालकर पीने से लू नहीं लगती हैं। छाछ में काली मिर्च और काला नमक मिलकर पीने से पीलिया रोग नहीं होता है. और शरीर में पानी की कमी दूर होती हैं।
  10. पेट सम्बन्धी रोग : छाछ के सेवन से पेट सम्बन्धी रोग दूर हो जाते हैं। छाछ में काला नमक, भुना जीरा और काली मिर्च मिलकर पीने से पेट के दर्द में फायदा होता हैं। छाछ में नमक और अजवाइन मिलकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते जाते हैं। गाय की छाछ में काली मिर्च और नमक मिलकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  11. दाद-धब्बे दूर : छाछ से चेहरे को धोने से चेहरे के दाग-धब्बे, मुहासे और चिकनाई दूर हो जाती हैं. चेहरे पर चमक और सौंदर्य आ जाता हैं। गाय की छाछ में ग्वारपाठे के बीजों को मिलाकर दाद पर लगाने से दाद ठीक हो जाते है। रोजाना छाछ पीने से सफ़ेद दाग में भी फायदा होता हैं।
  12. दन्त और हड्डियों को मजबूत : छाछ में कैल्शियम पाया जाता हैं, जो हमारे दन्त और हड्डियों को मजबूत बनता हैं। गठिया रोग में भी छाछ का सेवन फायदेमंद होता हैं।
  13. रोग प्रतिरोधक क्षमता : छाछ के नियमित सेवन से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता हैं. लस्सी में अमीनो और फैटी एसिड तनाव और एनीमिया से बचाते है। लस्सी का सेवन शरीर में स्वस्थ बैक्टीरिया को पलने से रोकता है. लस्सी प्रोटीन बी कॉम्प्लेक्स, फोलिक एसिड, कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस, राइबोफ्लेविन और कैल्शियम पाया जाता हैं।
  14. बालों के लिए : लस्सी में मौजूद बी 12 बालों को सफेद होने से रोकता हैं। छाछ बालों के लिए एक कंडीशनर के रूप में काम करती हैं. यह बालों को नरम बनाती हैं। यह त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होती हैं।
  15. अन्य फायदे : छाछ के सेवन से मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं। छाछ के सेवन से यह ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करता हैं। घर पर बनाई हुई ताजी लस्सी में जीरा, काला नमक, काली मिर्च, हरा धनिया, हरी मिर्च, हींग और पुदीना जैसे मसालों को डालकर बनाते हैं। डिहाइड्रेशन से लड़ने में बहुत ही ज्यादा अच्छा पेय हैं। सूजन आने, बेहोशी, भ्रम या तृषा रोग में छाछ नहीं ले या डॉक्टर से पूछ कर ही छाछ का सेवन करे, ज्यादा छाछ का सेवन भी नुकसान दे सकता हैं।

प्याज खाने के 10 फायदे ( Pyaj khane ke fayde aur Benefits )

भारतीय महिलाये अपनी रसोई में प्याज जरूर रखती हैं। क्योकि प्याज के बिना खाने में स्वाद या खुशबु नहीं आती है। प्याज (Onion) सलाद के रूप में या सब्जी किसी भी रूप में सेवन किया जा सकता हैं, यह हमारे शरीर के लिए काफी लाभदायक और पौष्टिक होता हैं। कुछ लोगो को प्याज की गंध अच्छी नहीं लगे तो इसे खाने के बाद माउथ फ्रेशनर या ब्रश कर ले, पर प्याज का सेवन जरूर करे। प्याज काटते समय हमारी आँखों से आंसू आने लगते हैं, लेकिन प्याज के गुणों और खाने के स्वाद को देखते हुए इसका सेवन बंद नहीं करना चाहिए। प्याज खाने को लजीज, स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता हैं। प्याज में विटामिन, कैल्शियम, जिंक, पौटेशियम, लोहा, बायोटीन, फास्फोरस, फाइबर और अनेक खनिज पदार्थ विधमान होते हैं। आज हम pyaj khane ke fayde aur benefits के बारे में बताते हैं.

Pyaj khane ke fayde

प्याज को छीलते समय उसमे कई परत होती हैं, इसमें बहरी परत में ज्यादा पौष्टिक तत्व होते हैं, इसलिए प्याज को ज्यादा नहीं छीलना चाहिए। प्याज को ज्यादा समय तक पकाने या उबालने से कई जरुरी खनिज तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसलिए प्याज को इस्तेमाल सलाद या कच्चे रूप में करने से ज्यादा फायदा होता हैं।

प्याज खाने के 10 फायदे ( Pyaj khane ke fayde ) :

  1. लू से बचाये : गर्मियों में लू लगने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता हैं, इसलिए प्याज के सेवन से यह शरीर में गर्मी हो दूर करता हैं और लू से बचाव करता हैं। प्याज की तासीर ठंडी होने से गर्मियों में इसका सेवन करना काफी फायदेमंद होता हैं। प्याज का रस सिर और छाती पर लगाने से लू नहीं लगती हैं।
  2. पाचन शक्ति को बढाये : प्याज हमारे पेट में होने वाली पाचन सम्बन्धी समस्या को दूर करता हैं. यह हमारी पाचन शक्ति को बढाने में लाभदायक हैं। प्याज के सेवन से पेट की परेशानी या अल्सर (पेट के छाले) से बचाता हैं।
  3. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित : प्याज में क्रोमियम तत्व पाया जाता हैं, जो की हमारे शरीर में रक्तचाप को नियंत्रित करता हैं, साथ ही यह मधुमेह को भी नियंत्रित करता हैं।
  4. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित : प्याज के सेवन से यह कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित करता हैं, जिससे यह हमारे ह्रदय को सुरक्षित रखता हैं।
  5. संक्रमण से बचाव : प्याज स्वादिष्ट होने के साथ यह हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। प्याज में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं. जिससे यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता हो बढ़ता हैं। प्याज के नियमित सेवन से यह हमें संक्रमण से दूर रखता हैं।
  6. त्वचा को स्वस्थ्य : प्याज में एंटीऑक्सीडेंट तत्व और विटामिन सी और ई होने से यह त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है. प्याज के नियमित सेवन से त्वचा चमकदार, जवान और स्वस्थय रहती हैं। प्याज के रस और हल्दी का पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। प्याज के रस को पानी में मिलाकर मुहाँसे पर लगाने से मुंहासे दूर हो जाते हैं. प्याज समय से पहले होने वाले झुरियों को भी कम करता हैं
  7. कैंसर से बचाव : प्याज के नियमित सेवन से कैंसर होने का खतरा काफी कम हो जाता हैं। इसलिए हमें रोज एक प्याज का सेवन करना चाहिए।
  8. आँखों को स्वस्थ : प्याज में विटामिन ए पाया जाता हैं, प्याज के रस में गुलाब जल को मिलाकर आँखों में लगाने से आँखों की समस्या दूर होती हैं, यह आँखों की रौशनी को भी बढाता हैं।
  9. जलन से बचाव : आप जलन वाले स्थान पर प्याज का रस लगाए, इससे जलन कम हो जाती हैं। यदि त्वचा पर जलने का निशान है तो उस पर प्याज का रस लगाने से निशान कुछ दिनों में चला जाता हैं।
  10. यदि आपको मधुमक्खी ने डंक मर लिए हैं. तो उस स्थान पर प्याज का रस लगाने से फायदा होता हैं।यदि आपके पैर में काटा चूब जाये तो उस स्थान पर आप प्याज का रस लगाकर पट्टी बांध ले, फिर कुछ देर बाद कांटे को आराम से निकाल लें।
  11. बालों के लिए : प्याज का रस बालो में लगाने से बालो की रुसी, बालो का टूटना और जू से बचाव होता हैं, हफ्ते में दो बार प्याज का रस बालो में लगाने से बल स्वस्थ और मजबूत बनते हैं।
  12. कब्ज में राहत : प्याज में काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता हैं, यह हमारे पेट की सफाई कर कब्ज की समस्या को दूर करता है।
  13. एनीमिया रोग : प्याज के नियमित सेवन से एनीमिया या खून की कमी दूर होती हैं। प्याज का रस खून को गाढा बनता है, इसे पतला होने से रोकता हैं.
  14. जोडों के दर्द : प्याज के रस को सरसो के तेल में मिलकर जोडों पर मालिश करने से जोडों के दर्द और गठिया रोग में लाभ होता हैं।
  15. ब्लीडिंग में फादेमंद : यदि आपके नकसीर या नाक से खून बह रहा हैं. तो प्याज को सुघने से ब्लीडिंग रुक जाती हैं। यह बवासीर रोग में भी काफी फायदेमंद होता हैं। प्याज का रस घाव में लगाने से घाव में इन्फेक्शन नहीं होता है।
  16. याददास्त को बढाये : प्याज के सेवन से याददास्त बढती हैं और हमारा तंत्रिका तंत्र मजबूत बनता हैं. प्याज का रस सिर में लगाने से सिर दर्द में आराम मिलता हैं।
  17. अनिंद्रा : प्याज का नियमित सेवन करने से नींद नहीं आने की समस्या दूर होती हैं. और अच्छी नींद आती हैं। प्याज का सेवन सलाद, सब्जी किसी भी रूप में किया जा सकता हैं.
  18. मासिकधर्म : महिलावो में मासिकधर्म के समस्या में प्याज का सेवन फायदेमंद होता हैं. प्याज के रस में शहद मिलाकर लेने से लाभ होता हैं। प्याज का सेवन यौन समस्या में भी फायदेमंद हैं.
  19. अन्य फायदे : प्याज का रस हल्का गर्म कर कान में डालने से आराम मिलता हैं। प्‍याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में कमी आती है। प्‍याज का रस सुबह खाली पेट पीने से पथरी अपने आप कटकर यूरीन के रास्‍ते से बाहर निकल जाती है। पुरुषों के लिए प्‍याज सेक्‍स पावर बढ़ाने का सबसे आसान उपाय है।

पुदीना के 10 फायदे ( Pudina Khane ke fayde )

पुदीना इतना फायदेमंद हैं, की यह अधिकतर सभी जगह पर मिल जाता हैं। पुदीने को Pudina या Mint के नाम से भी जाना जाता हैं। पुदीने का पौधा छोटा होता हैं, जो ज्यादातर नमी वाली जगह पर उगता हैं। पुदीना एक सुगन्धित फायदेमंद औषधि हैं। पुदीना का उपयोग ज्यादातर चटनी या मसाले और जलजीरा के रूप में किया जाता हैं। पुदीने के पत्तिया स्वाद को बढाती हैं। पुदीना बहुत सारी एंटीबायोटिक दवाओं में भी काम में लिया जाता है। आज हम आपको पुदीने के सरल घरेलु औषधीय फायदे के बारे में बताते हैं।

pudina ke fayde

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पुदीना के 10 फायदे ( Pudina Khane ke fayde ) :

  1. गर्मी से राहत : गर्मियों में जब हम जरुरी कार्य के लिए बाहर जाते हैं. तो तेज गर्मी का सामना करना पड़ता हैं। जिससे हमें लू लगाने के सम्भावना रहती हैं, ऐसे में निम्बू पानी में दो चम्मच पुदीने का रस मिलाकर पीने से गर्मी से राहत मिलती हैं।
  2. मुंह की बदबू से राहत : मुंह से बदबू आने पर कई बार हमें नजरे नीची करनी पड़ जाती हैं और शर्म महसूस करते हैं। यह काफी देर तक भूखे रहने और दांतो या मसूड़ो की समस्या के कारण आती हैं। ऐसे हम पुदीने के दो-तीन पत्ते को चबा ले तो मुंह से बदबू नही आएगी. आप पुदीने के रस से कुल्ला भी कर सकते हैं।
  3. पेटदर्द में फायदा : कई बार गलत खाने-पीने के कारण हमारे पेट में दर्द हो जाता हैं। अपच या गैस की समस्या के कारण भी पेट दर्द हो जाता हैं. ऐसे में एक-एक चम्मच पुदीना, निम्बू और अदरक के रस में थोड़ा काला नमक मिला कर लेने से आराम मिलता हैं।
  4. उल्टी से राहत : गलत खाने-पीने के कारण यदि आपका उल्टी का मन हो रहा हैं तो पुदीना का थोड़ा सा रस दो – तीन बार पिये, उल्टी आना बंद हो जाएगी।
  5. मुहासों में राहत : आप Pudina ke patto को पीस कर चेहरे पर लगा लें, और 10 मिनट बाद साफ पानी से धो लें। आपके चेहरे के मुहासे खत्म हो जायेगे। ज्यादातर मुंहासे मिर्च-मसाले के ज्यादा प्रयोग से होते हैं।
  6. हिचकी से राहत : हिचकी कुछ समय तक ही आती हैं और बंद भी हो जाती हैं। आप एक छोटे कफ में तीन चम्मच पुदीने का रस मिलाकर धीरे-धीरे पीने से हिचकी बंद हो जाती हैं। यदि पुदीने के पत्तो को चबाये तो भी हिचकी बंद हो जाती हैं।
  7. सर्दी-खासी में राहत : बदले मौसम के कारण या ठण्ड के कारण हमें सर्दी-खांसी हो जाती हैं. ऐसे में आप पुदिने के रस में काली मिर्च और नमक मिलकर लें, आपको सर्दी और खांसी में फायदा होगा।
  8. दर्द में राहत : चोट का दर्द या शरीर में कही दर्द हो, पुदीना के पत्तो को पीसकर लगाए, दर्द में आराम मिलेगा। बिच्छू के काटने वाले स्थान पर भी पुदीने का रस लगाने से आराम मिलता हैं।
  9. अनिंद्रा से राहत : पुदीने के रस में थोड़ा शहद मिलाकर मिलाकर लेने से नींद नही आने की समस्या दूर होती हैं।
  10. अन्य फायदे : औषधीय पौधे पुदीने के अनेक फायदे हैं।
  • पुदीने के रस में शहद मिलाकर लेने से पेट में गैस नही बनती हैं।
  • पुदीने के सेवन से कैंसर होने का खतरा काम होता हैं।
  • दाद पर पुदीने का रस लगाने से दाद और खुजली में फायदा होता हैं।
  • जुकाम, खांसी, ज्वर में पुदीने के चाय फायदेमंद होती हैं।
  • एक गिलास पानी में तीन चम्मच पुदीने का रस डालकर पीने से बार बार लगने वाली प्यास नही लगती हैं।
  • घाव पर पुदीने का रस लगाने से जख्म या घाव भर जाता हैं।
  • अपच, अजीर्ण, अरुचि, मंदाग्नि, वायु आदि रोगों में पुदीने के रस शहद के साथ लेने से फायदा होता हैं।

दही खाने के 10 फायदे ( Dahi Khane ke fayde aur Nuksan )

कुछ लोग कहते है की दूध से ज्यादा दही खाना फायदेमंद हैं। डॉक्टर और डाइटीशियन भी लंच में एक कटोरी दही रोज खाने की सलाह देते हैं। ताजे दही में बहुत से पोषक तत्व होते हैं. जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते है। इसलिए भारत में ही नही सभी जगह पर दही को काफी पसंद किया जाता हैं। दूध में मौजूद लैक्टोस नाम की शक्कर को तेजी से लेक्टिक एसिड में बदल देते हैं. जिससे दूध से दही बनती हैं। दही स्वाद में थोड़ी खट्टी होती है। दही में प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, लैक्टोज, आयरन, फास्फोरस, विटामिन B6 और विटामिन B12 इत्यादि पाए जाते हैं। दही में फैट बहुत कम होता हैं। दूध की तुलना में दही जल्दी पच जाता हैं। इसलिए यह शरीर के स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए काफी फायदेमंद हैं। आज हम Dahi Khane ke fayde के बारे में चर्चा करते हैं।

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दही खाने के 10 फायदे ( Dahi Khane ke fayde ) :

  1. हड्डियों को मजबूत : दही में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है। जो हमारी हड्डियों के विकास के लिए बाहर जरुरी है. यह हमारे दांतो और नाखुनो को मजबूत बनाता हैं। जोड़ो के दर्द के लिए भी दही बहुत फायदेमंद हैं।
  2. पाचन शक्ति : दही हमारी पाचन क्षमता को बढाती हैं। दही के नियमित सेवन से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी समस्याएं नही होती हैं। दही में अजवायन डालकर खाने से कब्ज दूर होता है।
  3. पेट संबंधी रोग : दही के नियमित सेवन से आंतो के रोग और पेट संबंधी रोग नही होते हैं। दही के सेवन से पेट की गर्मी शांत होती हैं. दही में सेंधा नमक डालकर सेवन करना से ज्यादा फायदेमंद होता हैं। यह हमारी भूख को भी बढाती हैं।
  4. प्रतिरोधक क्षमता : दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाते हैं। इसलिए दही के नियमित सेवन से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाती हैं।
  5. तनाव को कम करने : विशेषज्ञ के अनुसार दही के सेवन करने वालो में तनाव की समस्याएं बहुत कम रहती है। रात को नींद नही आने की परेशानी भी दही के सेवन से दूर होती हैं।
  6. वजन घटाने में : दही में कैशियम और प्रोटीन पाया जाता हैं. यह शरीर के वजन को बढ़ने नही देता हैं। केवल low फैट दूध से बनी हुई दही वजन को कम करती हैं। दही के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती हैं।
  7. दिल को स्वास्थ्य : दही के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल नही बढ़ता हैं। इससे दिल के रोग और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता हैं।
  8. बालों की सेहत : दही बालों के नेचुरल कंडीशनर की तरह बालों को moisture देता हैं। नहाने से पहले दही को कुछ देर अपने बालों में लगाने से बाल मजबूत और स्वस्थ्य होते हैं। आप दही में मेहँदी, बेसन या अंडे के साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं। इससे बालों का झड़ना बंद होता हैं. और डेंड्रफ या रुसी भी खत्म होती हैं।
  9. स्वस्थ्य त्वचा के लिए : आप नहाने से पहले दही को चेहरे, गर्दन, हाथों और पैरों पर लगाये. यह त्वचा के रूखे-पन को दूर करके त्वचा में निखार लाती हैं। दही में बेसन और निम्बू का रस मिलकर चेहरे पर 10 मिनट तक लगाये. इससे चेहरे के दाग-धब्बे या मुँहासे दूर हो जाते हैं। आप दही में हल्दी या गुलाबजल मिलकर भी लगा सकते हैं।
  10. मुंह के छाले : दही में थोड़ा शहद मिलकर लेने से मुंह के छाले सही होते हैं। छाछ का सेवन करने से भी मुंह के छाले सही होते हैं।

दही कब नहीं खानी चाहिए ( Dahi Khane ke nuksan ) :

  • रात के समय दही का सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नही हैं।
  • ठण्ड में दही नही खानी चाहिए। सर्दी जुखाम हो तो दही नहीं खाये।
  • दही का ज्यादा सेवन भी नुकसान दे सकता हैं। ज्यादा दही खाने से वजन भी बढ़ सकता हैं।
  • खली पेट दही का सेवन नही करना चाहिए। दही को कभी गर्म भी नही करना चाहिए।
  • मांसाहार के साथ दही का सेवन नही करें।
  • शरीर में सूजन या एलर्जी हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले।
  • दमा या साँस की समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले।
  • हमेशा ताजी दही का ही सेवन करें. बासी या खट्टी दही का सेवन नही करें।

मछली खाने के 10 फायदे ( Machali Khane ke fayde aur Nuksan )

मछली (fish) में काफी मात्रा में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता हैं। इसलिए मछली खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। मछली के सेवन से बाल काले और लंबे होते हैं। मछली में कई प्रकार के विटामिन, खनिज और पोषक तत्व मौजूद होते हैं. जो हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में सहायक हैं। भारत में कई राज्यो जैसे बिहार, बंगाल, असम में मछली खाना ज्यादा पसंद करते है। क्योंकि इनके अनुसार यह तेज दिमाग, आँखों और शरीर के लिए काफी लाभदायक हैं। आज हम Machali Khane ke fayde aur Nuksan के बारे में चर्चा करते हैं।

Machali

मछली खाने के फायदे ( Machali Khane ke fayde ) :

  1. तेज दिमाग के लिए : मछली के सेवन से दिमाग की कार्य करने की क्षमता बढाती हैं। मछली में मौजूद विभिन्न पोषक तत्व आपके दिमाग को तेज बनाते है। मछली में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड काफी मात्रा में होता हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन मस्तिष्क के नयी कोशिकाओं का निर्माण करता हैं. जिससे खास तौर पर बच्चों की स्मरण शक्ति ज्यादा बढ़ती हैं।
  2. आँखों की रौशनी के लिए : मछली के सेवन से आँखों की रौशनी बढाती हैं। मछली के सेवन से यह शरीर में मुख्य पोषक तत्वों की कमी को पूरा करती हैं. मछली के सेवन से शरीर में ओमेगा-3 की पूर्ति होती हैं. जो हमारे आँखों की रौशनी बढ़ाने में सहायक हैं। मछली के सेवन से कम दिखाई देना और आखो की समस्या दूर होती हैं। इसके सेवन से बच्चों की आँखों पर चश्मा नही लगेगा।
  3. बालों के लिए : मछली के सेवन से बाल स्वस्थ्य रहते हैं। मछली में ओमेगा-3 अधिक मात्रा में मौजूद रहता हैं. जिसके कारण यह बालों को लंबा, घना और मजबूत रखता हैं। मछली के सेवन से बालों के झड़ने की समस्या और सफेद होने की समस्या दूर होती हैं।
  4. त्वचा के लिए : मछली का सेवन त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। इसके लिए मछली में मौजूद ओमेगा-3 ही जिम्मेदार हैं। मछली के सेवन से त्वचा खूबसूरत बनी रहने के साथ, कई प्रकार के रोगों से बची रहती हैं। इससे त्वचा की नमी या स्किन के ग्लो बनी रहती हैं।
  5. कैंसर से बचाव : मछली के सेवन से कैंसर जैसे रोग होने का खतरा दूर रहता हैं। मछली में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर को कैंसर से दूर रखने में सहायक हैं। इसके सेवन से केसर होने की सम्भावना कम होती हैं।
  6. स्वास्थ्य दिल के लिए : उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति के लिए मछली का सेवन फायदेमंद होता हैं. मछली में फैट कम होता हैं। इसलिए मछली के सेवन से कोलेस्ट्रॉल नही बढ़ता हैं। मछली में मौजूद ओमेगा-3, दिल को रोगों से दूर रखता हैं। जिससे दिल स्वस्थ्य बना रहता हैं।
  7. डिप्रेशन के लिए : मछली के सेवन से डिप्रेशन की समस्या दूर रहती हैं। ओमेगा-3 अवसाद की स्थिति में फायदेमंद होता हैं. यह प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले डिप्रेशन को कम करती हैं।
  8. विटामिन-डी के लिए : मछली के सेवन से शरीर में विटामिन डी की कमी दूर होती हैं। जो हमें कई प्रकार की बीमारियों से दूर रखने में सहायक हैं। हमें हफ्ते में एक बार मछली का सेवन करना चाहिए।
  9. मछली के सेवन से जोड़ो में होने वाले दर्द और सूजन में फायदेमंद हैं। यह आर्थराइटिस की समस्या दूर करने में सहायक हैं।
  10. मछली के सेवन से पुरुषो के स्पर्म अच्छे होते हैं. पुरुषो के शुक्राणु (sperm) स्वस्थ और सक्रिय होते हैं।

मछली खाने के नुकसान ( Machali khane ke nuksan ):

कोई भी चीज हो उसके ज्यादा सेवन से शरीर को नुकसान ही होता हैं। खेती वाली सेलमन की जगह जंगली सेलमन ही प्रयोग करना सही रहता हैं। मधुमेह वाले रोगी मछली खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। Machali khane के तुरंत बाद दूध नही पिये। गर्भवती महिलाये मछली सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

दिमाग तेज करने वाले 10 आहार ( Dimag tej karne vale 10 aahar )

बच्चे हो बड़े हो, जितना हमारे लिए शारीरिक विकास जरुरी हैं, उतना ही मानसिक विकास भी जरुरी हैं। आजकल हम अपने कार्यो में इतने व्यस्त हो जाये है, की जंक फूड या बाहर का खाना ज्यादा पसंद करने लगे हैं। और हमारे बच्चे भी बहार का खाना ज्यादा पसंद करने लगे हैं। जिससे हमारे शरीर को स्वस्थ्य भोजन नही मिल पता हैं। इस कारण हमारा और हमारे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता हैं। बच्चों को बाहर के खाने के आदत पद जाये तो फिर उन्हें घर का खाना अच्छा नही लगता और वे बाहर के के जंक फूड खाने की डिमांड करते हैं। बच्चे का मानसिक विकास न होने से वह पढाई में भी कमजोर रह जाता हैं। और हम भी कई बार जरुरी कार्यो को भूल जाते हैं. यदि समय पर इस पर ध्यान नही दिया जाये तो हमारी ब्रेन मेमोरी पावर कमजोर होती चली जाती हैं। आज हम आपको Dimag tej karne vale aahar क्या हैं, इनके बारे में चर्चा करते हैं।

दिमाग तेज करने वाले 10 आहार ( Dimag tej karne vale aahar ) :

  1. वसा से भरपूर मछली को याददाश्त बढ़ाने वाली और आँखों की रौशनी तेज करने वाली माना जाता हैं। मछली में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी और ओमेगा-3 पाया जाता हैं। जो की Dimag tej karne में सहायक हैं। सारडाइन, साल्‍मन और टूना मछली ज्यादा लाभदायक होती हैं। आप हफ्ते में एक बार मछली का सेवन कर सकते हैं।
  2. दही में पर्याप्त मात्रा में फैट, कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेड और जरुरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत और दिमाग के लिए फायदेमंद हैं। ब्रेकफास्ट में नियमित रूप से दही का सेवन करने से हमारी याददास्त अच्छी होती हैं। यह दिमाग को सिग्नल लेने और उस पर तुरत प्रतिक्रिया करने की क्षमता को बढ़ाता हैं। परन्तु रात के समय दही का सेवन नही करें।
  3. तेज दिमाग के लिए अंडे का सेवन काफी फायदेमंद हैं। अंडे में मौजूद विटामिन्स दिमाग के सेल्स को बढ़ाते हैं, जिससे हमारे दिमाग की कार्य करने की क्षमता बढ़ती हैं. अंडे में काफी मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्व पाए जाने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होता हैं।
  4. स्टॉबेरी रसीला फल होने के कारण सभी को अच्छा लगता हैं, लेकिन इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता हैं. जो हमारे दिमाग को तेज करने में सहायक हैं। स्टॉबेरी के सेवन से दिमाग के कार्य करने की पावर बढ़ती हैं।
  5. दूध में प्रोटीन, विटामिन, फास्फोरस और कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता हैं। रोज एक गिलास दूध का सेवन करने से हमारी याददास्त बढ़ती हैं। तेज दिमाग और स्वस्थ्य शरीर के लिए दूध का सेवन करें।
  6. हल्दी भी दिमाग के लिए फायदेमंद होती हैं। बच्चों की याददास्त बढ़ाने में सहायक हैं। इसके सेवन से भूलने की बीमारी अल्जाइमर नही होती हैं।
  7. बादाम में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो तेज दिमाग के लिए सहायक हैं। नियमित रूप से बादाम को दूध में मिला कर सेवन करने से दिमाग की याददास्त तेजी से बढाती हैं।
  8. अखरोट में ओमेगा-3, फैटी एसिड, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता हैं. जो हमारी दिमाग की मेमोरी को तेज करता हैं। इसी तरह से मेवो में फैटी एसिड, मिनरल और प्रोटीन काफी मात्रा में पाए जाते हैं। जिनके सेवन से दिमाग तेज होता हैं।
  9. तुलसी शरीर और स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक हैं। प्रतिदिन 2 से 3 तुलसी के पत्ते का सेवन करने से दिमाग की याददास्त बनी रहती हैं।
  10. सेब, आलूबुखारा, जैतून का तेल, ग्रीन टी, अजवाइन की पत्तियां, जायफल, काली मिर्च, टमाटर, दालचीनी, अलसी और केसर का सेवन करना चाहिए. इनके सेवन से दिमाग की याददास्त तेज होती हैं।

पायरिया के 10 घरेलु उपाय ( Payriya ke 10 Gharelu Upay )

पायरिया (Pyorrhea) को periodontitis disease भी कहा जाता हैं। इसमें मुसाडो में सूजन और सांसो से बदबू आने लगती हैं। यह बीमारी अधिकतर दांतो और मसूड़ों की देखभाल नही करने से होती है। जिससे bacterial infection के कारण दन्त और मसूड़े खराब होने लगते हैं। यदि पायरिया पर ध्यान नही दिया जाये तो मसूड़े कमजोर हो जाते हैं और खून निकलने लगते हैं। ब्रश और दांतो की देखभाल नही करने से दांत का पिला पड़ना, सड़न पड़ा होना, खून आना, सूजन आना, कीड़े लगना और ज्यादा होने पर दांत गिरने का खतरा भी हो जाता है। यदि एक बार दांत गिर जाये तो हमारी सुंदरता और स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हैं। आज हम आपको Payriya rog की रोकथाम करने के घरेलु उपाय बताते हैं।

पायरिया के 10 घरेलु उपाय ( Payriya ke 10 Gharelu ilaj ) :

  1. नमक में बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता होती हैं. सरसों के तेल में थोड़ा नमक मिलाकर दांत और मसूड़ो पर हलके से मले। दिन में दो बार करने से कुछ ही दिनों में पायरिया रोग सही हो जायेगा।
  2. पीपल की छाल और उसकी कोमल डंठल को पानी में उबाल कर सेवन करे, पायरिया रोग में फायदा होगा।
  3. निम्बू को काटकर इसके रस को अपने मसूड़ो पर लगाये, मसूड़ो से खून आना बंद हो जायेगा और पायरिया भी जल्दी ठीक हो जायेगा।आप निम्बू में शहद मिलाकर भी दांतो पर मल सकते हैं।
  4. एक गिलाश हलके गर्म पानी में दो चम्मच नमक डालकर मिला ले, फिर इस पानी से कुछ देर कुल्ला करे, दिन में दो बार करे, जल्दी ही Payriya में फायदा होगा।
  5. मसूड़ो की नारियल तेल, तिल का तेल या सरसों के तेल से हलकी मालिश करने से भी पायरिया रोग में फायदा होता है। फिर ब्रश कर ले।
  6. बाबुल के पेड़ की लकड़ी को जलाकर उसमे थोड़ा कोयला मिला कर पावडर बना ले, और इसे अपने दांतो और मसूड़ो पर हलकी मालिश करे, जल्दी ही पायरिया रोग में फायदा मिलेगा।
  7. एक कफ हलके गर्म पानी में 5 लौंग डालकर उबाल ले, थोड़ा ठंडा होने पर कुछ देर इससे कुल्ला करे। आपका पायरिया रोग ठीक हो जायेगा।
  8. हल्दी को लेकर अपनी उंगली से दांतो पर ब्रश करे, यह मसूड़ो के दर्द और सूजन को कम करती हैं।
  9. अमरुद को नमक के साथ धीरे धीरे खाये, मसूड़े मजबूत होते हैं। अमरुद के पेड़ के पत्ते को चबाने से भी मसूड़े मजबूत होते हैं, पर पत्तियो को चबा कर वापस थूक दें।
  10. नीम में बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता होती हैं, इसलिए नीम की दांतुन करने से मसूड़े स्वस्थ्य और मजबूत होते हैं। आप नीम का रस भी दांतो पर लगा सकते हैं।
  11. आप काली मिर्च में थोड़ा नमक मिलकर दांतो पर मालिश करें, जल्दी ही दांत और मसूड़े मजबूत होंगे, और दांतो का पीलापन सही होगा।
  12. तुलसी के पत्तो को पीस कर उससे दांतो की मालिश करें। या फिर तुलसी के पावडर में सरसों के तेल को मिलाकर दांतो की मालिश करें, दांत का दर्द और पायरिया में फायदा होगा।
  13. अदरक को पीसकर उसमे नमक मिला ले, और इसे दांत व मसूड़ो पर मले, मसूड़ो की सूजन कम हो जाएगी।
  14. आप दो आंवले को चबाचबा कर खाये, कुछ ही दिनों में Payriya rog में फायदा होता है।
  15. आम की गुठली को पीस कर इसके चूर्ण से दांत मंजन करें, जल्दी ही पायरिया रोग में फायदा होगा।

एलोवेरा संजीवनी के 12 फायदे ( Aloe vera gel ke fayde aur Nuksan )

ग्वारपाठा को एलोवेरा या धृतकुमारी भी कहते है। प्राचीनकाल से ही एलोवेरा को एक औषधि के रूप में जाना जाता हैं। क्योंकि इसके इस्तेमाल से कई बीमारियां हमारे शरीर से दूर रहती हैं। एलो वेरा के पौधे को अपने घर में या गमले में आसानी से लगाया जा सकता हैं। इसकी लंबी बड़ी मोटी हरी पत्तियों के किनारे पर कांटे होते हैं। Aloe vera शरीर के लिए संजीवनी की तरह काम करता हैं। एलोवेरा की 200 से भी ज्यादा प्रजातीय पायी जाती हैं। यह हमारी त्वचा, बाल और शरीर के लिए हर तरह से लाभदायक हैं।

एलो वेरा के फायदे और लाभ ( Aloe vera ke fayde ) :

  1. एलो वेरा का सेवन करने से यह पाचन शक्ति को मजबूत करता हैं। यह पेट सम्बन्धी बिमारियों को दूर करने में सहायक है। ज्यादा फायदे के लिए आप एलो वेरा में शहद और निम्बू मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  2. किसी भी उम्र के लोगो को कब्ज की समस्या रहती हैं, ऐसे में एलो वेरा का जूस पीने से कब्ज में फायदा होता है. एलो वेरा को छीलकर उसके गुद्दे के सेवन से यकृत मजबूत और इसकी कार्य क्षमता में बढ़ोतरी होती हैं।
  3. Aloe vera में अत्यधिक मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। जो की शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। जिससे हमारे शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बनी रहती हैं। जिससे हमारा शरीर स्वस्थ्य रहता हैं।
  4. एलो वेरा के सेवन से शरीर का वजन संतुलित रहता हैं। एलो वेरा के नियमित इस्तेमाल से मोटापे को कम किया जा सकता हैं। मोटापे से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से ह्रदय रोग होता हैं. इसलिए एलोवेरा के जूस के सेवन से शरीर में ताजगी और स्फूर्ति महसूस होती हैं।
  5. एलो वेरा के सेवन से गठिया और जोड़ो के दर्द में फायदा होता हैं। गठिया का रोग बढ़ती उम्र के लोगो में ज्यादा होता हैं। आप एलोवेरा की सब्जी या जूस के रूप में भी इस्तेमाल करना फायदेमंद होता हैं। आप एलोवेरा के गूदे में थोड़ी हल्दी मिलाकर दर्द वाले स्थान पर कपडे की पट्टी से बांध लें. आपको जोड़ो के दर्द, गठिया, दर्द और सूजन में फायदा होगा।
  6. आप एलो वेरा के गूदे में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर घाव वाले स्थान पर पट्टी से बांध लें। जख्म या घाव और मुँह के छाले भी एलोवेरा के इस्तेमाल से ठीक होते हैं, एलो वेरा जूस के सेवन से पीलिया रोग भी नही होता हैं।
  7. Aloe vera के नियमित रूप से इस्तेमाल से डाइबिटीज या मधुमेह की समस्या दूर हो जाती हैं। सुबह के समय एलो वेरा के रस में आवला का रस मिलाकर लेने से मधुमेह की बीमारी में काफी फायदा होता हैं।
  8. एलो वेरा में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होने के कारण कैंसर जैसे रोग होने का खतरा कम होता हैं। एलोवेरा शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करता हैं।
  9. सुबह खली पेट थोड़ा एलो वेरा के सेवन करने से शरीर में ताजगी का अनुभव होता हैं। एलोवेरा में बहुत से विटामिन, मिनरल और पोषक पदार्थ होते हैं. जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  10. Aloe vera gel त्वचा को moisturized रखता हैं। एलोवेरा के इस्तेमाल से त्वचा स्वस्थ, सुदंर, कोमल और जवान दिखाई देती हैं। एलो वेरा में त्वचा को सुन्दर बनाने के गुणों के कारण समय से पहले बुढ़ापा आने के लक्षणों को रोकता हैं। एलोवेरा के जेल को निकल कर इसे चेहरे, गर्दन और त्वचा पर लगाए और हलकी मसाज करे। इससे त्वचा की खराबी, सूखापन, झुर्रिया, आँखों के काले घेरे और दाग-धब्बे दूर होने लगते हैं।
  11. Aloe vera hair growth को बढ़ाता हैं। यह बालो को झड़ने से रोकता हैं, साथ ही dandruff को भी दूर करता हैं. एलो वेरा के जेल को बालो में लगाए और एक घंटे बाद साफ पानी से धो लें। यह बालो को पोषण देकर उनकी जड़ो को मजबूत करता हैं।
  12. एलो वेरा जेल को मुँह पर लगाने से यह धुप की किरणों से सुरक्षा करता हैं। फटी हुई एड़ियों पर एलो वेरा जेल लगाने से ये ठीक हो जाती हैं।

एलो वेरा त्वचा और शरीर के लिए हर प्रकार से फायदेमंद हैं. परन्तु आप जानते हैं की किसी भी चीज का ज्यादा सेवन भी नुकसान देता हैं. इसलिए एलो वेरा का सेवन हफ्ते में दो – तीन बार से ज्यादा नही करे। महिलायर गर्भावस्था या मासिक-धर्म के समय इसका सेवन नही करें। बवासीर और मधुमेह के रोगी डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

सर्दी जुकाम के 10 घरेलु उपाय ( Sardi Jukam ke Gharelu upay )

मौसम बदलने के साथ सर्दी-जुकाम होना आम बात हैं, परन्तु यदि सही समय पर इसका इलाज नही किया जाये तो यह कई बिमारियों का कारण बन जाता हैं। ज्यादा जुकाम होने से बुखार और सर-दर्द भी हो जाता हैं। वैसे सर्दी के दिनों में जुखाम ज्यादा होता हैं। क्योंकि ऐसे मौसम में हमारा शरीर वातावरण में हो रहे बदलाव नही झेल पता हैं। Sardi Jukam होने से हमारी नाक बंद हो जाती हैं और गले में खरास हो जाती हैं। जिससे हमें साँस लेने में भी काफी तकलीफ होती हैं। ऐसे में घरेलु उपचार हमारे स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद होता हैं, क्योंकि बाजार में मिल रही दवाओं का साइड इफेक्ट हो सकता हैं। आज हम आपको सर्दी-जुकाम से बचने के सरल घरेलु उपाय और इनके कारण के बारे में बताते हैं।

जुकाम होने के कारण ( Causes of cough & cold ) :

  • वायरल इंफेक्शन या बैक्टीरिया के कारण।
  • पसीने में ज्यादा ठंडा पानी पीने से।
  • शरीर में वातावरण के अनुसार एडजेस्ट न होने से।
  • ज्यादा ठन्डे से गर्म या गर्म से ठन्डे में तुरंत जाने से।
  • बरसात में ज्यादा भीगने से या ठन्डे पानी में नहाने से।
  • प्रदूषण, धूल, मिटटी, धुवा के प्रभाव से इत्यादि कारण हो सकते हैं।

सर्दी जुकाम से बचने के घरेलु उपाय ( Sardi Jukam ka Gharelu ilaj ) :

1. अदरक : सर्दी जुकाम के लिए अदरक बहुत ही फायदेमंद दवा हैं। और यह जल्दी असर करती हैं।

  • आप दिन में दो बार अदरक की चाय बनाकर पिये, आपको तुरंत फायदा होगा। आप चाय में निम्बू का रस और शहद भी मिला सकते हैं।
  • अदरक का पाउडर गुड़ और घी में मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करें।
  • एक कफ पानी में अदरक का चोट टुकड़ा डालकर उबाल ले, और ठंडा होने पर दिन में दो बार पिये, तीन से चार दिन में ही आराम मिल जायेगा।
  • अदरक के रस को शहद के साथ लेने से गले की खरास में राहत मिलती हैं।
  • दिन में कभी भी अदरक का छोटा टुकड़ा चबाने से इसके रस के साथ ही गले की खरास में आराम आता हैं।

2. शहद : शहद में पोषक तत्व काफी मात्रा में होने से वायरस से लड़ने की क्षमता होती हैं।

  • दो चम्मच शहद में एक चम्मच निम्बू का रस मिलाकर सेवन करें। गले की खरास और जुकाम में जल्दी ही फायदा मिलेगा।
  • आप एक गिलाश गाजर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलकर पिये, सर्दी जुकाम में फायदा मिलेगा।

3. लहसुन : लहसुन immune system के लिए काफी अच्छा हैं और इसमें भी वायरस से लड़ने की क्षमता होती हैं।

  • लहसुन की चार कलियों को एक कफ पानी में उबाल कर इसमें थोड़ा सा शहद मिला ले, और इसका सेवन दिन में दो बार करें।
  • आप लहसुन में एक लौंग डालकर पीस ले, और शहद के साथ इसका सेवन करें। लहसुन को अपने खाने या सब्जियों में भी इस्तेमाल करें।
  • सरसो के तेल में लहसुन की कली डालकर हल्का गर्म करके, इसकी पैर के तलवे और सीने पर हलकी मालिश करने से Sardi Jukam में फायदा होता है।

4. हल्दी : सर्दी जुकाम के लिए हल्दी एक बहुत ही अच्छी प्राकृतिक औषधि हैं।

  • रात को सोते समय एक गिलास दूध में हल्दी डालकर उबाल ले, फिर इसे हल्का गर्म पिये, आपके गले के दर्द और खरास में फायदा मिलता हैं।
  • हल्दी को शहद के साथ मिलाकर लेने से भी सर्दी जुकाम में फायदा होता है।

5. निम्बू : निम्बू में विटामिन-सी होने के साथ इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी पायी जाती हैं। निम्बू के रस में शहद और काली मिर्च मिलाकर ले सर्दी जुकाम में आराम मिलता हैं।

6.प्याज : आधी चम्मच प्याज के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें, जल्दी ही सर्दी जुकाम से राहत मिलेगी।
प्याज को काटकर इसे सुघने से भी नाक खुल जाती हैं।

7. चाय : आप अदरक और तुलसी के पत्ते डाल कर चाय बनाये, इसका सेवन करने से गले के दर्द और खरास में राहत मिलती हैं। आप चाय में लौंग या काली मिर्च भी डाल सकते है।

8. गर्म दूध : रात को सोते समय गर्म दूध में काली मिर्च या शहद डाल कर पिये, आपको Sardi Jukam में तुरंत आराम मिलेगा।

  • रात को 5 बादाम भिगो दे, सुबह इसे हलके गर्म दूध में पीसकर मिला ले, इसका सेवन करें।
  • खजूर को दूध में उबाल कर, इसका सेवन करने से जुकाम में फायदा होता है।

9. गर्म पानी : हलके गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर इस पानी से गरारे करें, इससे गले की सूजन और दर्द में राहत मिलती हैं।
गर्म पानी की भाप लेने से भी जुकाम में राहत मिलती हैं। आप दिन ठंडा पानी न पीकर हल्का गर्म पानी ही पिये, जल्दी ही आराम मिलेगा।

10. अजवाइन : गुनगुने पानी के साथ अजवाइन की फाकी लेने से भी जुकाम में राहत मिलती हैं। काली मिर्च पीस कर इसमें सेंधा नमक मिलाकर गुनगुने पानी से साथ लेने से सर्दी जुकाम में राहत मिलती हैं। जायफल और दालचीनी को बराबर मात्रा में लेकर पीस ले, और दिन में दो बार इसका सेवन करें।

Sardi-Jukam से बचाव ही सबसे अच्छा इलाज हैं। आपको दिन में बार-बार हाथो को धोना चाहिए, जिससे संक्रमित वस्तुओ को छूने से हाथ में लगे कीटाणु हट जाते हैं। यदि आपके घर में किसी को जुखाम है तो उसके बर्तनों का प्रयोग नही करें। अपने खाने पीने का ध्यान रखे। ज्यादा ठंडा पानी नहीं पिये।

कैल्शियम की कमी का इलाज ( Calcium ki kami ka Gharelu ilaj )

कैल्शियम की हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह हमारे शरीर की हड्डियों और दांतो को मजबूत बनाता हैं। यह तंत्रिका-तंत्र और ह्रदय को संतुलित करता हैं। यह रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक होता है। कैल्शियम युक्त पदार्थो के सेवन से हड्डियों और जोड़ो के दर्द में राहत मिलती हैं। आज हम Calcium ki kami ko pura karne ke upay aur iske karan के बारे में विस्तार से बात करेगे।

सबसे पहले हम आपको कैल्सियम के स्रोत बता देते हैं। कैल्शियम मुख्य रूप से दूध, दही, पनीर, अंडे में ज्यादा पाया जाता हैं। इसके अतिरिक्त यह फल-सब्जियों और सूखे मेवो में भी पाया जाता हैं। जैसे- बादाम, पिस्ता, खजूर, मुनक्का, मुंग, मोथ, चना, राजमा, सोयाबीन, अमरुद, सीताफल, अंगूर, केला, खरबूजा, जामुन, आम , संतरा, पपीता, अनार, चुकंदर, पालक , लहसुन, गाजर, पुदीना, धनिया, निम्बू इत्यादि।

कैल्शियम की कमी के लक्षण :

  • कैल्शियम की कमी से हमारे शरीर की हड्डिया कमजोर हो जाती है, हड्डियों और जोड़ो में दर्द होने लगता है, और हड्डी में फैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता हैं।
  • दांतो के निर्माण में Calcium की विशेष भूमिका होती हैं, इस कारण दांत कमजोर हो जाते हैं।
  • मांसपेशियों में खिंचाव और ऐठन आना कैल्शियम की कमी का कारण हैं।
  • कैल्शियम की कमी से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जल्दी ही थकान का अनुभव होने लगता हैं।
  • बालो का टूटना और नाखुनो का कमजोर होना भी Calcium की कमी के कारण होता हैं।
  • इसके अतिरिक्त नींद नही आना, घबराहट, तनाव, टेंशन और सर-दर्द भी इसके कारण हो सकता हैं।

कैल्शियम की कमी को पूरा करने का उपाय ( Calcium ki kami ka ilaj ) :

  1. शरीर में कैल्शियम के लेवल को बनाया रखने के लिए कैल्शियम युक्त भोजन का अधिक सेवन करें। कैल्शियम फल-सब्जियों और सूखे मेवो इत्यादि में पाया जाता हैं। परंतु दूध, दही, पनीर, अंडे, पालक, भिन्डी, अंजीर, बादाम, संतरा, तिल, सोयाबीन और हरी पत्तेदार सब्जियों में ज्यादा पाया जाता है।
  2. आप रोज थोड़ी देर हलकी धुप में बैठे, जैसे सुबह या शाम के समय धुप हलकी होती है। धुप से हमें विटामिन-डी मिलता हैं। और यह भोजन से ज्यादा कैल्शियम सोखने में सहायक होता हैं।
  3. मैग्नीशियम कैल्शियम के अवशोषण में सहायक होता हैं. इसलिए मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थो पालक, खीरा, साबुत अनाज, तिल, बादाम, काजू और हरी सब्जियों का सेवन करें।
  4. दूध कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत है, आप एक गिलास दूध में 4 से 5 बादाम दाल कर रोग पिये। जल्दी ही आपके शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी हो जाएगी।
  5. तिल में भी काफी मात्रा में कैल्शियम होता हैं, आप तिल में चीनी मिलकर खा सकते हैं। तिल के तेल का सेवन भी कैल्शियम की कमी को पूरा करने का अच्छा उपाय हैं। आप तिल के लड्डू बना कर भी सेवन कर सकते हैं।
  6. आवला शरीर के लिए बहुत अधिक लाभदाय होने के साथ कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत हैं, आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी पाया जाता हैं. कुछ दिनों तक आंवले का सेवन करने से कैल्शियम की कमी दूर हो जाएगी।
  7. दही में Calcium काफी मात्रा में पाया जाता हैं, आप रोज एक कटोरी दही का सेवन करें, जल्दी ही आपके शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होगी।
  8. आप जीरे के नियमित रूप से सेवन से भी शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते हैं। आप छाछ में भी जीरा डालकर सेवन कर सकते हैं. इससे छाछ भी स्वादिष्ठ लगाती हैं, और शरीर में कैल्शियम की पूर्ति भी होती हैं।
  9. आप एक गिलास पानी में अदरक का चोट टुकड़ा दाल कर पानी को उबाल ले, फिर इसे छान कर जब पानी थोड़ा ठंडा हो जाये पिये, जल्दी ही कैल्शियम की कमी दूर होगी।
  10. अंजीर में कैल्शियम और आयरन दोनों पाए जाते हैं। इसलिए अंजीर के नियमित सेवन से शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता हैं।
  11. संतरे में विटामिन-सी के साथ कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में मिलता हैं. नियमित रूप से संतरे के सेवन से कैल्शियम की कमी दूर होती हैं।
  12. सोयाबीन में भी Calcium काफी पाया जाता हैं, इसका नियमित रूप से सेवन करने पर शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता हैं।
  13. गोभी में भी कैल्शियम पाया जाता हैं. इसे आप सलाद या सब्जी के रूप में खा सकते हैं।
  14. साबूदाना या बाजरा में भी कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता हैं. आप सरसो के साग के साथ बाजरे की रोटी खाये, जल्दी ही शरीर में कैल्शियम की पूर्ति हो जाएगी।
  15. प्राचीन जड़ी-बूटी अश्वगंधा में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, साथ ही इसमें कैल्शियम भी पाया जाता हैं, इसके सेवन से भी कैल्शियम की कमी दूर हो सकती हैं।
  16. ओटमील फाइबर युक्त और सेहतमंद होता है. इसके नियमित इस्तेमाल से शरीर में कैल्शियम के कमी को दूर किया जा सकता हैं।
  17. अंडे में भी Calcium पाया जाता हैं, रोज दो अंडे उबाल कर खाने से शरीर में कैल्शियम के कमी को दूर किया जा सकता हैं, आप अंडे की आमलेट बना कर भी सेवन कर सकते हैं। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता हैं।
  18. पालक और पनीर दोनों में ही कैल्शियम पाया जाता हैं. नियमित रूप से पालक और पनीर का सेवन करके शरीर में कैल्शियम की पूर्ति की जा सकती हैं। पालक और पनीर की सब्जी भी बड़ी स्वादिष्ठ बनती हैं।
  19. नियमित रूप से दूध के साथ तीन से चार खजूर खाने पर जल्दी ही शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होती हैं।
  20. अंकुरित चने या भीगे हुए चने खाने से भी कैल्शियम की पूर्ति होती हैं। चना और राजमा की सब्जी का सेवन भी फायदेमंद होता हैं। रोज एक गिलाश निम्बू पानी जरूर पिये।
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